-सहयोगी अधिवक्ता ने जेल में मिलकर दिया अपील का ऑफर, जेल अधीक्षक ने पत्र को किया रिसीव
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा पा चुके साहिल शुक्ला और
मुस्कान रस्तोगी का केस लड़ने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील
चौधरी ने इच्छा जताई है।
बता दें कि 14 अक्टूबर को जिला जज की कोर्ट ने नीले ड्रम केस में दोनों को
फांसी की सजा सुनाई थी। सजा सुनते ही दोनों कोर्ट में फूट-फूट कर रो पड़े थे। शुक्रवार
को एडवोकेट सुनील चौधरी का संदेश लेकर उनके सहयोगी अधिवक्ता दीपांकर सिंह चौधरी
चरण सिंह जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा
की मौजूदगी में साहिल और मुस्कान से मुलाकात की। दीपांकर सिंह ने सुनील चौधरी का
पत्र पढ़कर सुनाया, जिसमें उन्होंने फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराने के
लिए हाईकोर्ट में अपील दायर करने की बात कही है। जेल अधीक्षक ने पत्र को रिसीव कर
लिया है।
दोनों ने क्या कहा?
मुलाकात के दौरान मुस्कान ने कहा कि वह इस पर कोई फैसला लेने से पहले अपनी
अधिवक्ता रेखा जैन से बात करेगी। वहीं साहिल ने प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया।
साहिल का कहना था कि वह पहले अपने भाई अंकित से बात करेगा, क्योंकि उसका परिवार
पहले ही हाईकोर्ट में अपील दायर करने का ऐलान कर चुका है। जरूरत पड़ी तो वह सुनील
चौधरी से मदद लेगा। करीब 5 मिनट की मुलाकात के बाद दोनों को वापस बैरक में भेज
दिया गया।
कौन हैं सुनील चौधरी?
एडवोकेट सुनील चौधरी इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। मेरठ के
कुख्यात रेड लाइट एरिया को बंद कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने ही
इसको लेकर जनहित याचिका दायर की थी। उस समय रेड लाइट एरिया में 75 कोठे थे, जहां
करीब 400 महिलाएं देह व्यापार में लिप्त थीं। उनकी याचिका के बाद 2019 में
तत्कालीन डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ कार्रवाई कर सभी कोठों को बंद करा दिया
था।
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