मयंक अग्रवाल
नित्य संदेश, मेरठ। राधा गोविंद मंडप में चल रहे सप्त दिवसीय सत्संग के पंचम दिवस पर महामंडलेश्वर अभयानंद सरस्वती ने कहा कि कई जन्मों के पुण्य और भगवान की कृपा से मनुष्य शरीर मिलता है। इसका प्रयोजन मोक्ष प्राप्ति है।
उन्होंने कहा कि तीन बात हमेशा याद रखो - भगवान मेरे हैं, भगवान से स्वजातीय संबंध है और भगवान का मेरे से नित्य संबंध है। तीनों लोकों के स्वामी भगवान हमारे संरक्षक हैं। एक अटूट विश्वास कर लो कि सब कुछ करने वाले नारायण हैं। स्वामी अभयानंद ने कहा कि संसार का सबसे बड़ा सुख मन का निश्चिंत और भयमुक्त होना है। जैसे किसी बड़े अधिकारी से संबंध होने पर आप निश्चिंत हो जाते हो, वैसे ही भगवान से अपनापन होने पर दृढ़ विश्वास ही सबसे बड़ा सुख है। भगवान से प्रेम होगा तो जहां जाओगे सुखी रहोगे।
उन्होंने कहा कि सत्संग से भक्ति का ज्ञान होता है और सत्संग संत के माध्यम से मिलता है। संत गलतियों को टोकते हैं और जीवन बदलने के लिए तैयार करते हैं। संत पुण्य से मिलते हैं और उनका आशीर्वाद फलता है। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मनोज कुमार गुप्ता, बबीता गुप्ता, आरके प्रसाद, गोविंद अग्रवाल, मयंक अग्रवाल सहित कई भक्त मौजूद रहे।

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