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Friday, August 14, 2026

नमो भारत कॉरिडोर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला के साथ पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस


 

एनसीआरटीसी ने ‘हर घर तिरंगा’ की भावना का जश्न मनाते हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया एक विशेष संगीत कार्यक्रम

नित्य संदेश ब्यूरो

गाजियाबाद। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में, एनसीआरटीसी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत नमो भारत कॉरिडोर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इनके अंतर्गत, आज़ादी की भावना और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव मनाते हुए यात्रियों के सफर में संगीत और राष्ट्रप्रेम को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। 


इन उत्सवों के अंतर्गत, गुरुवार, 13 अगस्त को आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर 'देश मेरे' नामक एक विशेष संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया। जीसस एंड मैरी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, तथा मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (MIET) के कॉलेज बैंड्स ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से भारत की एकता, गौरव और भावना का जश्न मनाया और ही देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीरों के साहस और पराक्रम को श्रद्धांजलि दी। उनकी प्रस्तुति ने स्टेशन को देशभक्ति के जोश से भर दिया; यात्रियों ने ज़ोरदार तालियों से युवा कलाकारों का उत्साह बढ़ाया तथा उनके स्वर में स्वर मिलाते हुए गीत गुनगुनाए। लोगों की इस उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को देश की एकता, राष्ट्रप्रेम और उन भारतीय मूल्यों का उत्सव बना दिया जो देशवासियों को एक सूत्र में बाँधते हैं। स्वतंत्रता दिवस का यह उत्सव नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की दैनिक यात्रा तक भी विस्तारित किया गया है, जहाँ स्टेशनों और नमो भारत ट्रेनों के अंदर ‘वंदे मातरम’ की वाद्य धुनें बजाई जा रही हैं। राष्ट्रीय गीत की यह परिचित धुन यात्रियों की यात्रा को एक सार्थक पृष्ठभूमि प्रदान करती है, जो उन्हें इस दिन के महत्व की याद दिलाती है। कुछ नमो भारत स्टेशनों को तिरंगे के रंगों वाली लाइटों से खूबसूरती से सजाया गया है और वे केसरिया, सफ़ेद और हरे रंगों में जगमगा रहे हैं। भारत सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत, एनसीआरटीसी ने कई नमो भारत स्टेशनों पर खास तौर पर डिज़ाइन किए गए तिरंगे-थीम वाले बैकड्रॉप और सेल्फ़ी बूथ भी लगाए हैं। यात्री तिरंगे के साथ तस्वीरें खिंचवाते हुए नज़र आ रहे हैं, जिसने उनकी दैनिक यात्रा को देशप्रेम के एक उत्सव और राष्ट्र के प्रति अपना गर्व ज़ाहिर करने का एक अवसर बना दिया है। 


एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने भी डायरेक्टर्स के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया और तिरंगे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इन इंस्टॉलेशन ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में शामिल होने और इस मौके की यादें अपने साथ ले जाने का एक अवसर प्रदान किया है। कॉरिडोर पर की जा रही इन गतिविधियों के साथ-साथ, एनसीआरटीसी के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर भी राष्ट्रीय गौरव की भावना और नमो भारत कॉरिडोर पर हो रहे उत्सव की इलकियाँ देखी जा सकती हैं।  ऐसी पहलों के माध्यम से, एनसीआरटीसी का लक्ष्य है कि नमो भारत स्टेशनों को यात्रा के केवल एक स्टेशन के बजाय जीवंत और समावेशी सोशल हब में परिवर्तित कर दिया जाए। यह उत्सव भारत की स्वतंत्रता के बाद से अब तक की उल्लेखनीय यात्रा पर चिंतन करने का भी अवसर प्रदान करता है। नमो भारत, एक अधुनिक क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली के रूप में, इसी प्रगति की यात्रा और एक आत्मविश्वासी व विकसित होते भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है। आज जब लगभग 1 लाख लोग दैनिक रूप से भारत के प्रथम नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रा कर रहे हैं, यह उत्सव इस बात की याद दिलाता है कि राष्ट्र ने अबतक कितनी दूरी तय की है और आगे कितनी संभावनाएँ हैं, तथा उन लोगों पर भी प्रकाश डालता है जो 'विकसित भारत-2047' के विज़न को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

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