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Monday, August 17, 2026

परीक्षितगढ़ के वीर को देश का सलाम: एसटीएफ के जांबाज संजय सिंह को गैलेंट्री मेडल

 


-परीक्षितगढ़ का लाल जिसने माफिया के शूटर्स का किया सफाया, मुरादाबाद से मुजफ्फरनगर तक दिखाया अदम्य साहस


रवि गौतम

नित्य संदेश, मेरठ। देवी वाला मोहल्ला परीक्षितगढ़ निवासी प्रेम सिंह के पुत्र और एसटीएफ उप्र में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात संजय सिंह ने एक बार फिर अपने गांव और जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। अपराधियों की गोलियों के बीच मोर्चा संभालने वाले इस जांबाज को स्वतंत्रता दिवस-2026 पर राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।


1998 में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए संजय सिंह कानपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर में एसओजी और स्वाट टीम में रहकर कई बड़े ऑपरेशन का हिस्सा रहे। 2013 से वह एसटीएफ में हैं और 25 साल की सेवा में उन्होंने कई बड़े माफिया गैंगों की कमर तोड़ी है। मुकीम काला गैंग, अनिल दुजाना, सुशील मूंछ, योगेश भदौड़ा और मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प शूटर्स को पकड़ने और एनकाउंटर में ढेर करने में संजय सिंह की भूमिका अहम रही है। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि यह पदक केवल एक मेडल नहीं, बल्कि उस वर्दी के साहस की पहचान है जो हर रात अपराधियों के सामने सबसे आगे खड़ी होती है।


  • 2015 में डेढ़ लाख के इनामी मुकीम काला और 50 हजार के इनामी साबिर जंदेहड़ी को AK-47 और भारी मात्रा में कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया, जिस पर पुलिस महानिदेशक ने इनाम दिया था।
  • 2018 में कंकरखेड़ा मेरठ में 25-25 हजार के इनामी हिमांशु उर्फ नरसी टाइगर और धीरज को मुठभेड़ में मार गिराया।
  • 2025 में मुजफ्फरनगर में मुख्तार अंसारी के 50 हजार के इनामी शार्प शूटर शाहरुख पठान का एनकाउंटर किया।

जिस ऑपरेशन पर मिला वीरता पदक

10 नवंबर 2025 को मुरादाबाद के भोजपुर में एसटीएफ मेरठ यूनिट ने घेराबंदी कर एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाले एक लाख के इनामी आसिफ उर्फ टिड्डा (66 मुकदमे) और 50 हजार के इनामी दीनू (23 मुकदमे) को मुठभेड़ में मार गिराया। इसी अदम्य साहस के लिए संजय सिंह, एएसपी बृजेश कुमार सिंह और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को गैलेंट्री मेडल मिला है। शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को भी मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया है।


सम्मानों की लंबी सूची

15 अगस्त 2015 को डीजी सिल्वर डिस्क, 26 जनवरी 2020 को सराहनीय सेवा सम्मान, 15 अगस्त 2024 को गृह मंत्रालय का अति उत्कृष्ट सेवा पदक और 26 जनवरी 2025 को डीजी गोल्ड डिस्क से सम्मानित हो चुके हैं।

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