नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। NEET पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश भर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच मेरठ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। नगर निगम मेरठ के पूर्व पार्षद अफजाल सैफी ने एक बयान जारी कर केंद्र की राजग सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया है।
पूर्व पार्षद सैफी ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर NEET पेपर लीक प्रकरण को लेकर संसद भवन के घेराव और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण, गांधीवादी तरीके से धरना दिया जा रहा था। यह धरना बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों के तहत था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर पुलिस के माध्यम से बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करवाया, आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं। यह लोकतांत्रिक आवाज और विपक्षी दलों की आवाज को दबाने का घिनौना षड्यंत्र है।
सैफी ने अपने बयान में कहा कि आज इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन, धर्मेंद्र यादव और रुचि वीरा के साथ न केवल अमानवीय व्यवहार किया गया, बल्कि पुलिस द्वारा लाठी भी चलाई गई। प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे इंडिया गठबंधन के नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव को गिरफ्तार करना लोकतंत्र की हत्या है।
उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे कभी माफ नहीं किया जा सकता। बेरहम प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए और देश के छात्र समुदाय से तथा विपक्ष के नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
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