
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (पश्चिम डिस्कॉम) के अधीक्षण यंत्री (वित्त) शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित उनके 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
लोकायुक्त टीम ने मंगलवार सुबह 5.30 बजे मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर छापे मारे। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास वैध आय से 258 फीसद अधिक संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत प्रकरण दर्ज कर दस्तावेजों, बैंक खातों और बेनामी निवेश की गहन जांच शुरू कर दी है।
बेटे, बहू और दामाद के नाम करोड़ों का कारोबार
जांच में सामने आया कि अधीक्षण यंत्री ने अपने बेटे, बहू, दामाद और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर कई औद्योगिक इकाइयों और संपत्तियों में निवेश किया है। पीथमपुर सेक्टर-3 में बेटे शुभम सेमिल के नाम 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम से ट्रांसफार्मर निर्माण फैक्ट्री संचालित मिली, जिसकी अनुमानित लागत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है।
वहीं, पुत्रवधू और अन्य परिजनों के नाम 'कर्निश पावरजोन' फर्म पंजीकृत मिली, जिसके नाम पर पीथमपुर में दो औद्योगिक भूखंड हैं। इनमें एक पर फैक्ट्री संचालित है, जबकि दूसरे पर नई औद्योगिक इकाई का निर्माण जारी है, जिस पर अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में दामाद और बेटे के नाम 'एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स' फर्म संचालित मिली। यहां तीन औद्योगिक भूखंडों पर करीब 1.50 करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है। इसके अलावा 'कृष्णा पावर' नाम से एक अन्य औद्योगिक भूखंड पर निर्माण कार्य भी जारी मिला। रिश्तेदार के नाम से संचालित 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' फैक्ट्री की भी जांच की जा रही है।
आलीशान बंगले, प्लॉट और लग्जरी कार भी मिली
छापेमारी के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 पर करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बना तीन मंजिला आलीशान मकान मिला। इसके अलावा पत्नी और पुत्र के नाम पर सिलिकॉन सिटी के सप्तश्रृंगी नगर में कार्यालय भवन मिला, जिसकी गाइडलाइन कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। ओमैक्स सिटी में पुत्रों के नाम पर प्लॉट, शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार, अंजनी नगर और देवास नाका क्षेत्र में व्यावसायिक कार्यालयों के दस्तावेज भी मिले हैं। मुरैना के रविदास नगर में करीब 50 लाख रुपये कीमत का दो मंजिला मकान भी जांच के दायरे में आया है।
नकदी और आभूषणों का भी आकलन
लोकायुक्त टीम को तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और निवेश संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। इनकी गणना और मूल्यांकन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है।
9 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
लोकायुक्त की कार्रवाई इंदौर के चार, पीथमपुर के दो, धार के दो और मुरैना के एक ठिकाने पर एक साथ की गई। कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देशन में किया गया। डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, दिनेश पटेल और दीपक शेजवार सहित कई अधिकारियों की अलग-अलग टीमें दस्तावेजों, बैंक खातों, कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन की जांच में जुटी हैं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों, कंपनियों और निवेश के स्रोतों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का दायरा और बढ़ने की संभावना है।




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