तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। थाना नौचंदी में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सेक्टर-2 निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसके और उसके परिवार के साथ हुई मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय थाने में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से समझौता कराने का प्रयास किया।
पीड़ित का कहना है कि घटना में शामिल युवक के पक्ष के लोगों की मौजूदगी में उस पर समझौता लिखने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने अगले दिन मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में की, जहां से उसे कार्रवाई के लिए 'पीली पर्ची' जारी की गई। आरोप है कि इसके बावजूद 7 दिन होने पर भी थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि उसे ओर उसकी बुजुर्ग माता जी को पहले 5 जून को शाम को थाने बुलाया गया लेकिन मारपीट करने वाले युवक को नहीं बुलाया और कहा वो परतापुर है कल आयेगा पीड़ित वहां से वापस आ गया जिसके बाद उसके बाद 7 जून को फिर पीड़ित को थाने बुलाया गया जिसमें जांच अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने उसके घर जाकर माफी मांग ली, अब वह लिखित रूप से यह दे दे कि वह संतुष्ट है। जबकि आरोपी द्वारा सिर्फ प्रेशर बनवाया जा रहा है न कि गलती मानी जा रही;
इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यदि एसएसपी कार्यालय से जारी शिकायत पर भी निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाया जाए, तो पीड़ित न्याय के लिए आखिर किसके पास जाए? स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होना ही जनता का पुलिस पर विश्वास बनाए रख सकता है।

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