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Thursday, July 9, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गणित विभाग में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का स्थापना दिवस मनाया गया

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के गणित विभाग में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का स्थापना दिवस गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

कार्यक्रम में गणित विभागाध्यक्ष प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, प्रो. शिवराज , शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, मेरठ प्रांत के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मलिक, जंतु विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सचिन कुमार तथा आईआईटी गुवाहाटी के प्रो. नितिन चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं परिचय के साथ हुआ। प्रारंभिक वक्ता के रूप में प्रो. शिवराज ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना, उसके उद्गम, उद्देश्य एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, मूल्यपरक शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को समाज तक पहुँचाने में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसके पश्चात शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, मेरठ प्रांत के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मलिक ने अपने उद्बोधन में न्यास के उद्देश्यों एवं गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा आधारित शिक्षा, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्रोन्मुख शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा के संवर्धन हेतु सक्रिय भूमिका निभाएँ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में अपना योगदान दें।

अंत में गणित विभागाध्यक्ष प्रो. मुकेश कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं राष्ट्रोन्मुख शिक्षा के प्रसार में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी के सहयोग एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की तथा भारतीय शिक्षा, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े विचारों को गंभीरता से आत्मसात किया। अंत में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से शांति मंत्र का उच्चारण किया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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