नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में "एडवांसिंग एकेडमिक इंटीग्रिटी विद टर्निटिन" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों में शैक्षणिक ईमानदारी, शोध की मौलिकता तथा नैतिक अकादमिक लेखन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें टर्निटिन सॉफ्टवेयर के प्रभावी उपयोग से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुधीर त्यागी ने रिसोर्स पर्सन गौतम रावल का स्वागत कर किया। अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) सुधीर त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए शैक्षणिक ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शोधार्थियों और शिक्षकों को उत्तरदायी एवं नैतिक शोध लेखन के लिए प्रेरित करते हैं तथा उत्कृष्ट अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए रिसोर्स पर्सन गौतम रावल ने प्रतिभागियों को टर्निटिन के माध्यम से सिमिलैरिटी रिपोर्ट का विश्लेषण, शोध लेखों एवं शोध प्रबंधों की मौलिकता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तथा शैक्षणिक लेखन की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले शोध की आधारशिला शैक्षणिक ईमानदारी और मौलिकता है। उन्होंने कहा कि टर्निटिन जैसे आधुनिक उपकरण शोधार्थियों और शिक्षकों को साहित्यिक चोरी से बचाने के साथ-साथ जिम्मेदार एवं नैतिक शोध संस्कृति को भी मजबूत करते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और शोध की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के अंत में भावना जोशी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय, डॉ. तारक नाथ प्रसाद, डॉ. अनोज राज, डॉ. इन्द्रा सिंह, डॉ. जावेद खान, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. अल्पना, शलिनी त्यागी, भावना जोशी, डॉ. किरण, डॉ. जूली, डॉ. कपिल, डॉ. अजय, डॉ. प्रीति, डॉ. सरिता, डॉ. आशुतोष, रजनी, गोमती सहित विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ और सभी उपस्थितजनों ने इसकी सराहना की।
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