नित्य संदेश, इंदौर। मिलावट की खाद्य सामग्री हम सबकी जिंदगी में जहर घोल रही है, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोग मौत के आगोश में खो चुके हैं। अपना हित साधने के लिए विक्रेता उपभोक्ताओं की ज़िन्दगी से खिलवाड़ कर रहें हैं। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए वामा साहित्य मंच ने ''शुद्ध आहार - स्वस्थ परिवार; कलम की शक्ति से मिलावट पर प्रहार'' विषय पर आभासी बैठक का आयोजन किया, जिसके मुख्य अतिथि जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीनिवास मिश्र थे।
कार्यक्रम का आरंभ संगीता परमार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। संस्था प्रमुख ज्योति जैन ने सबका अभिनंदन करते हुए अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज सोने की थाली में ज़हर परोसा जा रहा है, इसीलिए हमें लेखिकाओं और गृहिणियों की दोहरी भूमिका का निर्वाह करते हुए थाली की गुणवत्ता बचानी होगी।
श्रीनिवास मिश्र ने विषय की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों के अलावा सभी को अपनी सक्रियता बढ़ा कर मिलावट कर्ताओं के खिलाफ एकजुट होना होगा। उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा कि आप अपनी लेखनी की तेज धार से ऐसा करने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में पद्मा राजेन्द्र, माधुरी निगम, अमिता मराठे, अर्चना पंडित, आशा गुप्ता, भावना दामले, डॉ. स्नेहलता श्रीवास्तव, अनुपमा गुप्ता, सरला मेहता, निरुपमा त्रिवेदी, रचना चौपड़ा, वैजयंती दाते, पुष्पा दसोंधी, रेखा पाठक, रीता श्रीवास्तव, डॉ. रेखा मंडलोई, डॉ. अंजना चक्रपाणी मिश्र आदि वामा सखियों ने अपनी सहभागिता दर्ज की। सबने अपने विचारों, अनुभवों एवं रचनाओं के माध्यम से कलम की ताकत से अलख जगाने का प्रयास किया। सामाजिक सरोकार से जुड़े ज्वलंत विषय पर सभी ने अपनी दमदार प्रस्तुतियां देकर आभासी पटल से जुड़े अतिथि एवं अन्य सखियों की दाद बटोरी।
कार्यक्रम की संयोजक पद्मा राजेन्द्र एवं माधुरी कनल थीं। संचालन एवं आभार माधुरी कनल ने किया व तकनीकी सहयोग डॉ. अंजना चक्रपाणी मिश्र का रहा। इस आभासी बैठक में देश-भर से संस्था की सदस्याएं उपस्थित थीं।

सामाजिक तथा स्वास्थ्य हित में सार्थक गोष्टी
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