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Wednesday, July 15, 2026

पुष्प बंगला - आकाशगंगा में पुष्पों से सुसज्जित पुष्प बंगले में विराजे प्रभु वेंकटेश

• ​देश की तीसरी सबसे बड़ी परंपरागत गौरवशाली रथयात्रा 16 जुलाई को श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से सायंकाल 4 बजे निकलेगी।  


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। पावन सिद्ध धाम श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में चल रहे श्रीब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव में आज छठे दिन दिव्य पुष्प बंगला, जो कि हमारे इंदौर शहर का वैभव है, जिसका कि हर वर्ष नए स्वरूप में दर्शन होता है, इस वर्ष भी नयनाभिराम पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेश के मनोहारी दर्शन हुए।


​इस वर्ष इस दिव्य पुष्प बंगले में 200 × 200 का पूरा देवस्थान का कोना-कोना पुष्पों से सुसज्जित था और उसी पुष्प बंगले में से भक्त प्रवेश कर रहे थे और अंदर पहुँचते ही सामने मोगरा, जूही, कुंद, जरबेरा, गुलाब, अनेक प्रकार के पुष्पों के सुंदर झरोखे और उन सभी में भक्तों का प्रवेश हो रहा था।

5 LED लगाई गई थीं, जिनमें भक्तों को दर्शन हो रहे थे। पिछले 6 माह की प्लानिंग, 20 दिनों की तैयारी, 7 दिनों की मेहनत और 3 रात में इंदौर और दक्षिण और बेंगलुरु की 50 लोगों की टीम के साथ पुष्प बंगले का निर्माण किया।

पुष्प बंगले में पुष्पों से निर्मित शंख, चक्र, तिलक, जय, विजय झरोखे के साथ ही पुष्पों से निर्मित स्वान अद्भुत रूप से दिखाई दे रहे थे।

प्रभु वेंकटेश जी ने चंद्रमा पर विराजमान होकर शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण कर व भगवती श्री महालक्ष्मी जी ने गज पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस हेतु विशेष रूप से भगवान की पोशाक जरदोजी वर्क की कुंभकोणम से बनकर आई, साथ ही बंगले के दर्शन की व्यवस्था के लिए लगभग 500 कार्यकर्ता अपना सहयोग दे रहे हैं।


दिव्य चांदी के रथ में प्रभु वेंकटेश विराजमान होकर हजारों भक्तों को दर्शन देने रथारूढ़ होकर निकलेंगे। 'गोविंदा गोविंदा' के नाम का स्मरण करते हुए भक्त अपने हाथों से प्रभु का रथ खींचेंगे।

कल सुबह 16 जुलाई को प्रातः 9:30 बजे से देवस्थान में गो-अन्नकूट महोत्सव श्री अनंत निधि सेवा प्रकल्प द्वारा संपन्न होगा। साथ ही श्री वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला का वार्षिकोत्सव भी संपन्न होगा।

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