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Friday, July 10, 2026

प्रेसवार्ता के जरिए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश चौधरी ने की मांग, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच

• चढ़ावा चोरी के लिए बीजेपी-आरएसएस दोषी, श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किया गया खिलवाड़, तत्काल प्रभाव से राम मंदिर ट्रस्ट को किया जाए भंग


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक चेतना के प्रतीक हैं। श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई, गहने, अपनी बचत और आस्थाभाव लेकर राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आए। भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार के संगठनों ने लगभग तीन दशकों तक भगवान राम के नाम पर राजनीति की, देश के गरीब व मध्यम वर्ग से राम के नाम पर चंदा एकत्र किया और इसी आंदोलन के आधार पर सत्ता प्राप्त की। राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में बड़े स्तर पर कथित हेराफेरी कर  केंद्र सरकार, भाजपा व आरएसएस ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में चुप्पी  तोड़नी चाहिए।


यह बात इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी ने कही। उनके साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया भी मौजूद थे।


श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी दें इस्तीफा... 

कांग्रेस पार्टी ने ट्रस्ट के  शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार होना यह साबित करता है कि मामला सिर्फ प्रशासनिक चूक का नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले का संकेत है। उन्होंने आयोजनों के खर्च पर सवाल पर उठाते हुए मीडिया रिपोर्टों और एसआईटी जांच के हवाले से बताया गया है कि 22 जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में 8 हजार लोगों पर करीब 113 रुपए करोड़ और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपए खर्च किए गए। कांग्रेस का आरोप है  कि फर्जी रसीदों और नकद चढ़ावे में भारी अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की देखरेख में हुआ, तो इस कथित घोटाले पर केंद्र सरकार मौन क्यों है? केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े पदाधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।


सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो चढ़ावा चोरी की जांच... 

कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रवक्ता हरीश चौधरी ने कहा कि  श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग कर धर्माचार्यों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ एक नया व पारदर्शी ट्रस्ट बनाया जाए। राम मंदिर के लिए आए समस्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और आयोजनों के खर्च का एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। चंपत राय, अनिल मिश्रा और इस मामले से जुड़े अन्य प्रभावशाली लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस पार्टी की यह मांग है।

आस्था के नाम पर लूट बर्दाश्त नहीं... 

हरीश चौधरी के मुताबिक कांग्रेस ने साफ किया है कि भगवान राम देश के करोड़ों नागरिकों की नैतिक चेतना और आस्था के प्रतीक हैं, वे किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। ऐसे में आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती।


मध्य प्रदेश सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

बीजेपी की प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है। उन्होंने भूमि आवंटन, लैंड यूज परिवर्तन और सरकारी फैसलों से जुड़े उन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की, जिनसे मुख्यमंत्री के करीबी लोगों को कथित रूप से निजी लाभ पहुँचा है।


नाना पटवारी पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई... 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का बचाव करते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते उनके खिलाफ बेवजह के आरोप लगाकर कार्रवाई की जा रही है। उनपर जो भी केस होना बताए गए हैं, वो राजनीतिक मामलों से जुड़े हैं। हरीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस कानून से ऊपर किसी को नहीं मानती। उन्होंने कहा, हम किसी भी तथ्यात्मक शिकायत की निष्पक्ष जांच का स्वागत करते हैं, लेकिन भाजपा सरकार  एजेंसियों का दुरुपयोग कर नाना पटवारी के जरिए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को निशाने पर ले रही है। राजनीतिक लड़ाई, राजनीतिक स्तर पर ही लड़ी जानी चाहिए।

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