
-मां-बाप का साया छिना तो योगी सरकार बनी सहारा, प्रतिमाह मिलते हैं चार हजार रुपये
लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। माता-पिता का साया उठने के बाद जिन बच्चों के सामने जीवन और पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाता है, उनके लिए योगी सरकार की मुख्यमंत्री बाल स्पॉन्सर योजना उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई न छूटे और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए सरकार पात्र बच्चों को हर माह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। मेरठ में वर्तमान में 1986 बच्चे इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है, जिन्होंने माता-पिता अथवा परिवार के कमाऊ सदस्य को खो
दिया है या जो अन्य विशेष परिस्थितियों में संरक्षण के पात्र हैं। सहायता राशि
सीधे बच्चों के अभिभावक या संरक्षक के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी
जरूरतें पूरी हो सकें। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया
कि मुख्यमंत्री बाल स्पॉन्सर योजना जरूरतमंद बच्चों के लिए बड़ा सहारा साबित हो
रही है। योजना से जुड़े बच्चों की नियमित निगरानी भी की जाती है, ताकि उन्हें समय पर लाभ मिलता रहे। पात्र बच्चों को
चिन्हित कर लगातार योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी जरूरतमंद बच्चा सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी की अपील
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम यादव ने पात्र परिवारों से अपील की है कि यदि कोई
बच्चा योजना की पात्रता पूरी करता है तो संबंधित अभिलेखों के साथ जिला प्रोबेशन
कार्यालय में आवेदन करें, ताकि उसे भी योजना का लाभ समय
पर मिल सके।
योजना के प्रमुख लाभ
* पात्र बच्चों को प्रतिमाह चार
हजार रुपये की आर्थिक सहायता।
* राशि सीधे अभिभावक या संरक्षक
के बैंक खाते में हस्तांतरित।
* शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को
पूरा करने में मदद।
* आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई
बाधित होने से बचाव।
* निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों
को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत सहारा।
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