परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का लगाया गंभीर आरोप
इकराम चौधरी
नित्य संदेश, किठौर। क्षेत्र में रविवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आम के बाग में आम बीनने गए एक किसान की 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के टूटे हुए तार की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा भी करंट लगने से झुलस गया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार, कस्बा किठौर के मोहल्ला मौसमखानी निवासी रहीसुद्दीन (50) पुत्र रहीमुद्दीन रविवार सुबह करीब छह बजे अपने 12 वर्षीय पुत्र सुहैल के साथ ग्राम नंगली स्थित चौधरी मशकूर के किराये पर लिए गए आम के बाग में आम उठाने पहुंचे थे। आरोप है कि बाग में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन का तार काफी समय से टूटकर जमीन पर पड़ा था। सुबह होने और घास के बीच तार दिखाई न देने के कारण रहीसुद्दीन अनजाने में उसकी चपेट में आ गए। तेज करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बेटे सुहैल ने पिता को बचाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी अफसाना का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों का कहना है कि रहीसुद्दीन मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और वही घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी, तीन बेटियां और एक नाबालिग बेटा है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतक की पत्नी अफसाना ने बिजली विभाग को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि यदि विभाग समय पर टूटे हुए हाईटेंशन तार को हटाने या बिजली आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई करता, तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मृतक के आश्रितों को दुर्घटना बीमा, आर्थिक सहायता और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के तार जर्जर हालत में हैं और शिकायतों के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं की जाती। लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल जर्जर लाइनों की जांच और मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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