मोहम्मद असलम
नित्य संदेश, मवाना। थाना बहसूमा क्षेत्र में 28 साल पहले हुए सड़क हादसे में आखिरकार न्यायालय ने फैसला सुना दिया। न्यायिक दंडाधिकारी मवाना प्रशांत मौर्य की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाकर युवक की मौत के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास और 1000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला
अभियोजन अधिकारी संजीव गुप्ता योगेश कुमार त्रिवेदी 22/04/1998 को वादी ब्रह्मपाल पुत्र राम सिंह निवासी सैफपुर फिरोजपुर ने थाना बहसूमा में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि उसका भाई विपिन कुमार ग्राम फिरोजपुर में तिरखा सिंह के कोल्हू के पास सड़क पर खड़ा था। तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार ने लापरवाही से टक्कर मार दी। घटना को वादी के अलावा लखमी पुत्र बुद्ध सिंह और चंद्रपाल पुत्र ब्रह्मानंद ने भी देखा था। घायल विपिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
एफआईआर और विवेचना
तहरीर के आधार पर थाना बहसूमा में मु०अ०सं० 43/1998 धारा 279, 337 आईपीसी में एफआईआर दर्ज की गई। बाद में विपिन की मौत होने पर धारा 304अ आईपीसी बढ़ाई गई। विवेचना के बाद पुलिस ने अमरीश पुत्र दयाचन्द निवासी रहमापुर थाना मवाना के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त अमरीश को धारा 304A IPC में दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 01 वर्ष का साधारण कारावास और 1000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया। अर्थदण्ड न देने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट मोहर्रिर रामरतन और थाना बहसूमा के पैरोकार सुशील कुमार की पैरवी से अभियुक को सजा मिली। इस फैसले से मृतक के परिजनों ने संतोष जताया है।

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