युवा पीढ़ी तक पहुंचेगी भारतीय शास्त्रीय संगीत व कथक नृत्य संस्कृति की विरासत, सुभारती विश्वविद्यालय और अकादमी की बड़ी पहल
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध एवं गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के संरक्षण के उद्देश्य से योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी तथा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न कराया। राजधानी लखनऊ स्थित पर्यटन सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री आशीष कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। समझौता पत्र के आदान-प्रदान के बाद अपने संबोधन में संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय के साथ इससे पूर्व भी तीन एमओयू किए जा चुके हैं और यह नया सहयोग राज्य में शैक्षणिक अनुसंधान एवं सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की तेज रफ्तार में अनेक शास्त्रीय व लोक कलाएं लुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में उन्हें संरक्षित करना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत पर गर्व कर सकें।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय संगीत, नृत्य एवं नाट्य परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं में सांस्कृतिक चेतना के जागरण का माध्यम बनेगी और भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को और सशक्त करेगी। एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर एक सुदृढ़ संस्थागत ढांचा विकसित करेंगी, जिसके माध्यम से शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य और नाट्य परंपराओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही शोध गतिविधियों, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा संयुक्त जन-जागरूकता अभियानों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान ललित कला संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) पिन्टू मिश्रा एवं परफॉर्मिंग आर्ट्स विभाग की अध्यक्षा प्रो. (डॉ.) भावना ग्रोवर ने संकाय की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ललित कला संकाय पिछले 17 वर्षों से चित्रकला, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। संकाय में देश-विदेश से छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति एवं कलाओं की उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। उन्होंने संकाय की विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों से भी उपस्थित जनों को अवगत कराया।
समारोह में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष श्रीमती विभा सिंह, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर सहित अकादमी एवं विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए इस ऐतिहासिक साझेदारी के लिए सभी को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध कलात्मक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अभियान और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ेगा।
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