नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गीतिका त्यागी ने गृहस्थ का जीवन न चुनकर, समाजसेवा
का रास्ता चुना। 15 साल से वे समाज के लिए मसीहा बनकर सेवा कर रही है। हर साल 10 बच्चों
की पढ़ाई, एक गरीब बेटी की शादी कराती हैं। अब उन्होंने मरणोपरांत अंगदान का प्रण लेकर
सरकारी प्रक्रिया पूरी की है।
समाज सेवा के लिए सब कुछ त्याग देने वाले लोग बहुत कम होते हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं स्वास्थ्य विभाग में सेवारत गीतिका त्यागी। पिछले 15 वर्षों से लगातार समाज सेविका के रूप में कार्य कर रहीं गीतिका ने बहुत पहले ही शादी न करने का फैसला ले लिया था। गीतिका त्यागी ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर गृहस्थ जीवन न चुनकर सेवा का रास्ता चुना।
उनका मानना है कि समाज के लिए कुछ कर गुजरना ही असली
जीवन है। प्रतिवर्ष 10 असमर्थ बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म दिलाकर उनकी फीस खुद भरती
हैं। हर साल एक असमर्थ परिवार की बेटी की शादी का पूरा खर्च उठाती है। उन्होंने बताया
कि सीएमओ डा. स्वाति सिंह की प्रेरणा से अंगदान करने का प्रण लिया है।
कार्यक्रम में किया गया सम्मान
राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग
की ओर से गुरुवार को सखी संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गतिका को सम्मानित
किया गया। प्रोग्राम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया किशोर
रहाटकर रही, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर में उप्र महिला आयोग की अध्यक्षा डा. बबीता
सिंह चौहान उपस्थिति रहीं। यहां उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्या डा. मीनाक्षी भराला
एवं डा. हिमानी अग्रवाल की विशिष्ट सहभागिता रहीं।

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