अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना आज रात ईरान पर एक बेहद जोरदार और व्यापक हमला (VERY HARD TONIGHT) करने जा रही है, जिसका उद्देश्य ईरान की बची-कुची सैन्य व रक्षा क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
इस सैन्य रणनीति के तहत अमेरिका की नजर विशेष रूप से फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल 'खार्ग आइलैंड' (Kharg Island) पर है, जहां से ईरान अपने कुल कच्चे तेल का लगभग 90 प्रतिशत निर्यात करता है। ट्रंप ने इस आर्थिक नाकेबंदी की तुलना वेनेजुएला पर की गई कार्रवाई से करते हुए कहा कि वे निकट भविष्य में ईरान के तेल और गैस संसाधनों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करेंगे।
दूसरी ओर, इस गंभीर धमकी और पिछले दो दिनों से जारी अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय और कुवैत के एयरबेस सहित कुल 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले करने का दावा किया है।
इस बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, वहीं ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि ट्रंप के ये आवेगी फैसले वैश्विक ऊर्जा बाजार को तबाह कर देंगे और अमेरिका एक अंतहीन दलदल में फंस जाएगा। पेंटागन और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा ईरान को बातचीत की मेज पर झुकाने के लिए अपनाई जा रही इस 'सैन्य दबाव' की नीति के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में एक पूर्णकालिक युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है।

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