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Monday, June 8, 2026

सुभारती विश्वविद्यालय में हुआ प्रेरक अतिथि व्याख्यान

एम.एड. के बाद करियर और उद्यमिता के नए आयामों से रूबरू हुए छात्र

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के शिक्षा विभाग द्वारा "एम.एड. कार्यक्रम के बाद कैरियर और उद्यमिता के अवसर" विषय पर एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एम.एड. विद्यार्थियों को शिक्षा जगत में उपलब्ध विविध रोजगार, शोध एवं उद्यमिता के अवसरों से अवगत कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं नवाचारोन्मुखी बनने के लिए प्रेरित करना था।


कार्यक्रम के आयोजन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। अतिथि व्याख्यान का शुभारंभ जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पधारे प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. (डॉ.) डोरी लाल शर्मा के स्वागत के साथ हुआ। उनका स्वागत शिक्षा संकाय के प्रमुख एवं शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनोज राज तथा प्रो.(डॉ.) इंदिरा सिंह द्वारा किया गया। अपने प्रभावशाली संबोधन में डॉ. डोरी लाल शर्मा ने एम.एड. उपाधि प्राप्त करने के पश्चात उपलब्ध व्यापक करियर संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एम.एड. स्नातक शिक्षक प्रशिक्षक, शैक्षिक प्रशासक, पाठ्यक्रम विकासकर्ता, मार्गदर्शन एवं परामर्श विशेषज्ञ, शोधकर्ता, अकादमिक समन्वयक, ऑनलाइन शिक्षक तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों एवं डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने एनसीईआरटी, यूजीसी और एनसीटीई जैसी संस्थाओं में योग्य शैक्षिक विशेषज्ञों की बढ़ती मांग का उल्लेख करते हुए प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से पीएचडी तथा नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) की महत्ता पर विशेष बल दिया।


व्याख्यान के दौरान शिक्षा क्षेत्र में उद्यमिता की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विद्यार्थियों को कोचिंग सेंटर, शैक्षिक परामर्श संस्थान, कौशल विकास केंद्र, ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म और काउंसलिंग सेवाओं की स्थापना जैसे स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई। मुख्य वक्ता ने छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने तथा नवाचार आधारित शैक्षिक उद्यमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम में आयोजित संवादात्मक चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान प्रतिभागियों ने व्यावसायिक विकास, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल शिक्षा, शैक्षिक प्रबंधन तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। व्याख्यान ने विद्यार्थियों को आजीवन सीखने की भावना विकसित करने और बदलते शैक्षिक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षा विभाग के सहायक प्रो.(डॉ.) भुवनेश शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को बेहतर करियर दिशा प्रदान करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।


इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सभी एम.एड. छात्र-छात्राएं, संकाय सदस्य डॉ. मुमताज शेख, डॉ. रीबा देवी, डॉ. रूबी, डॉ. रागिनी श्रीवास्तव, डॉ. रूपम जैन सहित शोधार्थी उपस्थित रहे। अतिथि व्याख्यान के पश्चात सभी प्रतिभागी अत्यंत उत्साहित, ऊर्जावान एवं प्रेरित दिखाई दिए। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न यह कार्यक्रम भावी शिक्षकों एवं शैक्षिक उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणास्पद सिद्ध हुआ।

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