Breaking

Your Ads Here

Wednesday, June 3, 2026

“विकसित भारतः एक विश्व गुरु” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित विधि अध्ययन संस्थान में सेमिनार कोर्ट हॉल में उत्तर प्रदेश राजभवन से प्रेरित दीक्षोत्सव-2026 के अवसर पर “विकसित भारतः एक विश्व गुरु” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कि मा0 कुलपति प्रो0 संगीता शुक्ला जी, प्रो0 नीलू जैन गुप्ता, अध्यक्ष साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद, प्रो के0के शर्मा, समन्वयक, साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद एवं कार्यक्रम समन्वयक डा0 विवेक कुमार, समन्वयक, विधि अध्ययन संस्थान द्वारा मॉ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर किया गया। 


कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कि मा0 कुलपति प्रो0 संगीता शुक्ला ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को आशीषवचन देते हुये कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं का योगदान अहम है। आगे उन्होने बताया कि भारत पहले से ही एक विकसित राष्ट्र है और भारत की युवा शक्ति के योगदान से भारत 2047 में नही बल्कि जल्द ही विश्व गुरु बन जायेगा। तकनीक के प्रयोग को लेकर उन्होने छात्र-छात्राओं को बताया कि युवा जानकारी से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने पर ध्यान दें। इसी क्रम में प्रो0 नीलू जैन गुप्ता जी ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन को उच्च बनाये और भारत के विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा करने में योगदान दें। 

प्रो0 के0के0 शर्मा जी ने कहा कि इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का उद्देश्य विकसित भारत की कल्पना को विद्यार्थियों के माध्यम से जानने का प्रयास है। उन्होने सभी विद्यार्थियों को दीक्षोत्सव-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिये प्रेरित किया जिससे की उनका सर्वागीण हो सकें। संस्थान के समन्वयक डा0 विवेक कुमार ने कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति का समावेश है। विकसित भारत के सपने में युवाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिये यह जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर से अपने कर्तव्यों को निर्वहन करें। जिससे कि हम एक समृद्ध समाज की स्थापना कर सकें और प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों का प्रयोग समाज व राष्ट्र हित में कर सकें। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने तकनीकि विकास, शोध, युवा शक्ति, योग आयुर्वेद, डिजिटल भारत, स्टार्टअप, जी-20, नालंदा विश्वविद्यालय, तक्ष्शिला विश्वविद्यालय जैसे उदाहरणों से बताया कि भारत विकसित राष्ट्र से विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। 

प्रतियोगिता में निर्णायक मण्डल के रूप में डा0 वैशाली पाटिल, डा0 पायल अग्रवाल व  डा0 सुदेशना जी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय परिसर एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक मण्डल के निर्णयानुसार रिमांशी शर्मा प्रथम, आरजू त्यागी द्वितीय एवं अंशु यादव को तृतीय स्थान मिला। कार्यक्रम का सफल संचालन आशीष कौशिक एवं डा0 अपेक्षा चौधरी, सहायक आचार्य, विधि अध्ययन संस्थान के द्वारा किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के समन्वयक डा0 विवेक कुमार ने दिया। कार्यक्रम मंे प्र्रो0 अलका तिवारी, डा0 डा0 विकास कुमार, डा0 धनपाल, डा0 अपेक्षा, डा0 धर्मेन्द्र, डा0 मनीषा एवं विश्वविद्यालय के अन्य विभाग के अध्ययनरत् छात्र-छात्रायें भी उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here