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Wednesday, June 10, 2026

उम्मीद पोर्टल - रजिस्ट्रेशन के मामले में प्रदेश में पिछड़ गया मेरठ

सलीम सिद्दीकी

नित्य संदेश, मेरठ। केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पंजीकरण के लिए संचालित उम्मीद पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा में प्रदेश भर में 1 लाख 52 हजार 867 संपत्तियां दर्ज हो सकी हैं। उम्मीद पोर्टल के यह आंकड़े उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट में जारी किए गए हैं। पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को दर्ज करने के मामले में मेरठ पिछड़ गया है। 

प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार मेरठ में कुल 4259 संपत्तियों में से सिर्फ 2548 संपत्तियों को ही अप्रूवल मिला है, जबकि 900 संपत्तियां रिजेक्ट कर दी गई हैं। उधर प्रदेश के सभी 75 जिलों की बात करें तो 1 लाख 52 हजार 867 संपत्तियां उम्मीद पोर्टल पर दर्ज हुई जिनमें से 1 लाख 3 हज़ार 542 संपत्तियों को अप्रूवल दिया गया जबकि 29747 संपत्तियां विभिन्न कारणों से रिजेक्ट कर दी गईं। प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार शेष संपत्तियां जांच और अनुमोदन की विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत लंबित हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिन वक्फ संपत्तियों को सबसे ज्यादा अप्रूवल मिला है उनमें मुजफ्फरनगर 3114, बरेली 3053, रामपुर 2809, बिजनौर 2787, सहारनपुर 2528 और मेरठ 2548 शामिल हैं। 

हालांकि मेरठ अन्य जिलों के मुकाबले पिछड़ा हुआ है। यदि शिया वक्फ संपत्तियों की बात करें तो यहां स्थिति थोड़ी बेहतर है। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के सभी 75 जिलों में 8156 वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज किया गया और इनमें से 4751 संपत्तियों को अनुमोदन मिला और 2059 संपत्तियां रिजेक्ट की गईं। 316 संपत्तियां चेकिंग स्तर पर लंबित हैं जबकि 26 मामले अप्रूवल स्तर पर विचाराधीन हैं। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के तहत जो संपत्तियां रिजेक्ट हुई हैं या उम्मीद पोर्टल पर दर्ज तो हुई हैं लेकिन अप्रूव नहीं हुई या किसी कारण पेंडिंग है तो उसके लिए वक्फ ट्रिब्यूनल में अर्ज़ी दायर करनी होगी। इसके बाद वक्फ ट्रिब्यूनल की गाइडलाइन के अनुसार ही संबंधित संपत्तियों को अप्रूव अथवा रिजेक्ट किया जाएगा।

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