नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जिले के बागवानी किसानों को बेहतर फसल उत्पादन की सौगात देने के लिए प्रदेश सरकार फ्रूट कवर बैग योजना को प्रोत्साहन दे रही है। फ्रूट कवर बैग का इस्तेमाल करने से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ ही फसल के दोगुने दाम मिल रहे हैं। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार की तरफ से किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
आम उत्पादन के मामले में मेरठ और आस-पास के जिलों का प्रदेश में अग्रणी स्थान हैं। बागवानी किसानों की समस्या रहती है कि मिज, हॉपर, फ्रूट फ्लाई जैसे कीट फलों को काफी नुकसान पहुंचाते है। इससे उत्पादन घट जाता है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिक आम, अमरूद, आड़ू जैसे फलों को बचाने के लिए फ्रूट बैग लगाने पर जोर दे रहे हैं। इन फ्रूट कवर बैग से कीटो और रोगों से फलों का बचाव होता है। वही इनसे फल का आकार बड़ा और स्वाद भी अच्छा होता है। फ्रूट कवर बैग तकनीक से तैयार फलों की निर्यात बाजार में भी अधिक मांग है। इसके चलते किसानों को अच्छा दाम भी मिलता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस तकनीक को सबसे ज्यादा अपनाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेेश सरकार बागवानी किसानों की मदद के लिए आगे आई है। मेरठ जिले के किसानों को फ्रूट कवर बैग अपनाने के लिए 50 प्रतिशत तक की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में 50 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से यह अनुदान राशि वितरित की जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक फल पट्टी योजना के तहत किसानों को अधिकतम 1200 रूपये के ही फू्रट कवर बैग प्रदान किए जा रहे थे, लेकिन इस बार से सरकार ने इस योजना को राज्य उद्यानिक मिशन के तहत शामिल किया है।
जिला उद्यान अधिकारी अरूण कुमार ने बताया कि इस तकनीक में पेड़ पर लग रहे फल को एक लिफाफे (फ्रूट कवर बैग) में बांधकर छोड़ देते हैं, जिससे फ्रूट फ्लाई, हापर, मिज, थ्रिप्स जैसे कीट फलों पर नहीं बैठ पाते हैं। कीड़ों और फंगस के प्रभाव से बचे रहने पर फल का आकार बड़ा हो जाता है। इसके साथ ही आंधी और मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से भी फल सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में किठौर और जानी क्षेत्र में बागवानी किसान इस तकनीक का सबसे अधिक फायदा ले रहे हैं।

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