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Tuesday, June 2, 2026

निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित

नित्य संदेश ब्यूरो 

मेरठ। राज्यपाल कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार एवं कुलपति प्रो0 संगीता शुक्ला के नेतृत्व में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह 2026 से पूर्व दीक्षोत्सव 2026 कार्यक्रम श्रृंखला के आयोजन हेतु इतिहास विभाग के वीर बन्दा बैरागी सभागार में निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गयी। जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो0 संगीता शुक्ला जी ने सर्वप्रथम माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। 


इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लेखन केवल विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, चिंतन क्षमता के विकास तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन का सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में साहित्य, लेखन और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ाव युवाओं के बौद्धिक विकास को नई दिशा प्रदान करता है। कुलपति ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर अपार प्रतिभा और असीम संभावनाएं निहित होती हैं। आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने, निखारने और उचित मंच प्रदान करने की है। दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल तथा नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं नवाचार संबंधी गतिविधियों में भी सक्रिय सहभागिता निभाएं। प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा सतत अध्ययन की भावना को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। 



उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत के भविष्य का निर्माता है। यदि युवा अपनी ऊर्जा, ज्ञान और प्रतिभा का सदुपयोग राष्ट्रहित में करें तो भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है। लेखन और चिंतन की संस्कृति युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ती है तथा उनमें समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता विकसित करती है। अंत में माननीय कुलपति जी ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में प्राप्त सफलता से अधिक महत्वपूर्ण उसमें सहभागिता और सीखने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञानार्जन, सृजनशीलता और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने का संदेश देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान, संस्कार और प्रतिभा के बल पर समाज तथा राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉ0 अनिल कुमार यादव, शोध निदेशक प्रो0 बीरपाल सिंह, साहित्यिक सांस्कृतिक अध्यक्ष प्रो0 नीलू जैन गुप्ता, समन्वयक प्रो0 कृष्ण कान्त शर्मा, प्रो0 विघ्नेश कुमार, कार्यक्रम समन्वयक डॉ0 योगेन्द्र कुमार गौतम, डॉ0 अंजू, डॉ0 प्रशान्त, डॉ0 योगेश कुमार, डॉ0 मनीषा त्यागी, डॉ0 आशीष कौशिक आदि उपस्थित रहे।

निबंध लेखन प्रतियोगिता के रिजल्ट का विवरण निम्नानुसार है-

प्रथम स्थान- दीपांविता चक्रवर्ती मनोविज्ञान विभाग,

द्वितीय स्थान- कशिश गोलियान

भूगोल विभाग,

तृतीय स्थान- सिल्की चौधरी 

राजनीतिक विज्ञान विभाग,

सांत्वना पुरस्कार- दीप्ति विधूड़ी 

रसायन विज्ञान विभाग

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