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Sunday, July 26, 2026

कथासंचय' कहानी-संग्रह का लोकार्पण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न

नित्य संदेश, इंदौर। वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सुजाता देशपांडे द्वारा संपादित एवं संकलित नवसृजित कहानी-संग्रह 'कथासंचय' का भव्य लोकार्पण समारोह रविवार, 26 जुलाई 2026 को श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर के सभागार में साहित्यिक गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ।


समारोह में महाराष्ट्र साहित्य सभा, इंदौर के  प्रमुख अतिथि श्री अश्विन खरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, अपने उद्बोधन में अश्विन खरे  जी ने कहा कि श्रीमती सुजाता देशपांडे का यह नवसृजित प्रयास अत्यंत अभिनव और प्रशंसनीय है। इस प्रकार का कथासंग्रह पहली बार प्रकाशित हुआ है, जो मराठी भाषा को समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सफल पहल है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के रचनाकारों की चुनिंदा कहानियों का समावेश किया गया है, जिससे यह संकलन साहित्यिक विविधता और सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।  

 

श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद जवळेकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने उद्बोधन में अतिथियों ने साहित्य के सामाजिक दायित्व तथा कथाओं के माध्यम से संवेदनाओं को जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।


पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करते हुए डॉ. ज्ञानेश्वर तिखे, विभागाध्यक्ष, मराठी विभाग, शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, इंदौर ने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकार सुजाता देशपांडे द्वारा संपादित एवं संकलित कथा-संग्रह 'कथासंचय' समकालीन मराठी कथा-साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है। उन्होंने पुस्तक में संकलित कहानियों की वैचारिक गहराई, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं तथा साहित्यिक गुणवत्ता का विस्तृत विश्लेषण किया।उन्होंने कहा कि इस कथा-संग्रह में देश के विभिन्न क्षेत्रों के रचनाकारों की कहानियाँ सम्मिलित हैं।


'कथासंचय' में संकलित विविध क्षेत्रों की कहानियाँ सुंदर मोतियों के समान हैं, जिन्हें संपादिका सुजाता देशपांडे ने अपने कुशल संपादन के धागे से एक ही सूत्र में पिरोकर एक अनुपम साहित्यिक माला का रूप दिया है। यह संग्रह केवल कहानियों का संकलन नहीं, बल्कि विविध अनुभवों, संस्कृतियों और संवेदनाओं को जोड़ने वाला एक सशक्त साहित्यिक सेतु है।


कार्यक्रम का शुभारंभ कु. अपूर्वा झोल्या द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुवर्णा   लपालीकर ने किया, जबकि श्रीमती ऊर्जिता ठकार ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। 


इस अवसर पर वामा साहित्य मंच की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सुजाता देशपांडे का सम्मान किया गया। मंच की अध्यक्ष ज्योति जैन ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। सम्मान के उपरांत उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए 'कथासंचय' के सफल प्रकाशन पर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। समारोह का वातावरण आत्मीयता, सम्मान और साहित्यिक उत्साह से ओतप्रोत रहा।


समारोह में साहित्यकारों, लेखकों, पाठकों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पुस्तक के लोकार्पण के उपरांत उपस्थितजनों ने पुस्तक का अवलोकन किया तथा लेखिका एवं संपादक से संवाद भी किया।

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