नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: भारत की प्रमुख हेल्थकेयर एजुकेशन कंपनी विरोहन ने ‘वुमन इन हेल्थकेयर’ पहल की शुरुआत करते हुए रुपये 2 करोड़ की स्कॉलरशिप योजना की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें मजबूत करियर अवसर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत पात्र महिला आवेदकों को रुपये 50,000 की स्कॉलरशिप दी जाएगी, चाहे वे चार से पांच वर्ष के डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लें या एक वर्ष के सर्टिफिकेट कोर्स में। 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को रुपये 1,00,000 और 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को रुपये 2,00,000 की स्कॉलरशिप मिलेगी। यह राशि सीधे कोर्स फीस में समायोजित की जाएगी जिससे शिक्षा अधिक सुलभ हो सके।
इस पहल पर विरोहन के को-फाउंडर और सीटीओ नलिन सलूजा ने प्रतिक्रिया ने देते हुए कहा, हेल्थकेयर सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक ऐसा क्षेत्र है जो सम्मान, स्थिरता और उद्देश्य से जुड़ा हुआ है, और इसमें महिलाओं की भूमिका हमेशा से बेहद अहम रही है। वुमन इन हेल्थकेयर पहल इसी सोच पर आधारित है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। आज दुनिया गंभीर रूप से हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की कमी का सामना कर रही है, और भारत के पास इस बढ़ती मांग को पूरा करने की क्षमता है, चाहे देश में हो या वैश्विक स्तर पर। हमारी समझ में सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता की कमी है। छात्राओं को यह पता नहीं है कि एलाइड और हेल्थकेयर में कितने करियर विकल्प मौजूद हैं, और अभिभावकों को भी इन भूमिकाओं की मांग और करियर ग्रोथ को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है। यह स्कॉलरशिप इस बात का संकेत है कि अवसर वास्तविक हैं, विश्वविद्यालय तैयार हैं, और हम चाहते हैं कि अधिक महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाएं।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब हेल्थकेयर करियर को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल डिग्रियों के साथ अब एलाइड हेल्थकेयर प्रोग्राम्स में भी रुचि बढ़ रही है, जो मरीज देखभाल, डायग्नोस्टिक्स, मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिहैबिलिटेशन और हेल्थकेयर संचालन जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट करियर रास्ते प्रदान करते हैं।
भारतीय एलाइड और हेल्थकेयर ग्रेजुएट्स की मांग अब देश की सीमाओं से बाहर भी तेजी से बढ़ रही है। ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और जापान जैसे देश उम्रदराज होती आबादी और हेल्थकेयर वर्कफोर्स की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में भारत के प्रशिक्षित पेशेवर इन बाज़ारों के लिए एक स्वाभाविक और मज़बूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र अब केवल राष्ट्रीय स्तर के करियर तक सीमित न रहकर एक वैश्विक अवसर का रूप ले रहा है।
विरोहन के माध्यम से छात्राएं यूपीईएस (देहरादून), एमआईटी यूनिवर्सिटी (शिलांग), सीएमआर यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु), केआईईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (गाजियाबाद), एचआरआईटी यूनिवर्सिटी (गाजियाबाद), लिंगायाज़ विद्यापीठ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद), सिल्वर ओक यूनिवर्सिटी (अहमदाबाद) और विक्रांत यूनिवर्सिटी (ग्वालियर) सहित कई अन्य संस्थानों में आवेदन कर सकते हैं।
यह कदम महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा शिक्षा को व्यापक बनाने की विरोहन की दूरदर्शी सोच का प्रमाण है। यह पहल न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की बढ़ती कमी को दूर करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त करने और ‘विरोहन वीमेन इन हेल्थकेयर इनिशिएटिव’ छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की इच्छुक छात्राएं एवं उनके अभिभावक +91 8448299435 पर संपर्क कर सकते हैं या www.virohan.com/scholarship पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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