नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के उप- प्राचार्य डॉ ज्ञानेश्वर टांक की अध्यक्षता में आई.एम.ए. उत्तर प्रदेश, आई.एम.ए. मेरठ तथा मेडिकल काॅलेज, मेरठ के संकाय सदस्यों के साथ 12 वर्षों में सरकार द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा में हुई गुणात्मक वृद्धि के विषय में विचार गोष्ठी की गई।
उक्त गोष्ठी में उप-प्राचार्य महोदय ने बताया कि केंद्र सरकार के 12 सफल वर्षों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जिससे देश में एमबीबीएस और पीजी सीटों में भारी उछाल आया है। चिकित्सा शिक्षा में 12 वर्षों मेडिकल कॉलेजों में भारी वृद्धि हुई है, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 820 से अधिक हो गई है।जो पहले की तुलना में 2.1 गुना अधिक है। एम्स संस्थानों की संख्या केवल 7 से बढ़कर 23 तक पहुंच गई है। जो पहले की तुलना में 3 गुना से अधिक है।
एमबीबीएस सीटें (MBBS) सीटों की संख्या 59,000 से बढ़कर 1.28 लाख के पार हो गई है। जो पहले की तुलना में 2.5 गुना अधिक है। पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) चिकित्सा सीटों की संख्या 31,000 से बढ़कर 86,000 से अधिक हो गई है। जो पहले की तुलना में 2.9 गुना अधिक है। विद्यार्थियों की उच्च स्तर की पढ़ाई हेतु ऑनलाइन शिक्षा मंच स्थापित किये गये है। डाटा को इक्कठा करने के लिए आभा-आई.डी. सिस्टम शुरू किया गया है। AETCOM मॉडल को उच्च संप्रेक्षण हेतु शुरू किया गया है।
शोधों की संख्या को बढ़ाने हेतु आई सी एम आर का बजट बढ़ाया गया एवं साथ ही साथ नैतिकता समिति का गठन किया गया। गोष्ठी में डॉ राजीव गोयल, स्टेट प्रेसिडेंट, आई एम ए, यू.पी.; आशीष अग्रवाल, स्टेट सेक्रेटरी आई एम ए; डॉ वाणी पूरी, फाइनेंस सेक्रेट्री, आई एम ए; डॉ शलभ गुप्ता, अध्यक्ष, आई एम ए, एम एस एन; डॉ मनीष त्यागी, प्रेसिडेंट, आई एम ए, मेरठ; डॉ विकास गुप्ता, सेक्रेटरी, आई एम ए, मेरठ; डॉ अल्पना कंसल, प्रेसिडेंट, आई एम ए, गाजियाबाद; डॉ राजीव त्यागी, सेक्रेटरी, आई एम ए, गाजियाबाद; डॉ प्रीति सिंह, डॉ आभा गुप्ता, डॉ लोकेश कुमार सिंह, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ ललिता चौधरी, डॉ प्रीति राठी, डॉ नीरज मसंद, डॉ राहुल सिंह, आदि उपस्थित रहे।
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