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Saturday, May 2, 2026

सुभारती के मंच से गूंजा आशु घई का मंत्र: अपने 'क्रेजी' आइडिया पर भरोसा रखें, सफलता कदम चूमेगी"

'एक्सक्लूसिव इंटरैक्टिव सेशनमें विज्ञान और मनोरंजन का हुआ अनूठा संगम; 'साइंस एंड फनके संस्थापक आशु घई ने साझा किए सफलता के सूत्र

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सत्यजीत प्रेक्षागृह में उस समय तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठीजब 'साइंस एंड फनके संस्थापक एवं मशहूर ऑनलाइन शिक्षक आशु घई सुभारती के छात्रों के बीच इंटरेक्शन के लिए पहुँचे। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज, होटल मैनेजमेंट विभाग एवं फैकल्टी ऑफ साइंस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विशेष संवाद सत्र में आशु घई ने विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरलता के साथ प्रस्तुत कर छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया।



सत्र के दौरान आशु घई ने अपने 'लाइव अनुभवोंके जरिए बताया कि शिक्षा बोझ नहींबल्कि एक रोमांचक यात्रा है। उन्होंने अपनी डिजिटल यात्रा के संघर्ष और 'साइंस एंड फनको ब्रांड बनाने की कहानी साझा करते हुए छात्रों को भविष्य की तकनीक और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के प्रति जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों के करियर और तकनीक से जुड़े सवालों के जवाब अपनी चिर-परिचित मजाकिया और प्रेरक शैली में दिए। आशु घई ने सुभारती विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रशंसा करते हुए कहा कि "सुभारती का इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वस्तरीय हैयहाँ का शांत और मनमोहक वातावरण इसे सबसे अलग बनाता है। परिसर में स्थित अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएँ यह दर्शाती हैं कि यहाँ शिक्षा के साथ सेवा भाव और अनुशासन का जो मेल हैवह एक आदर्श शैक्षणिक माहौल के लिए अनिवार्य है।" वहीं शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए आशु घई ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा वर्तमान में एक 'सुपर पावरकी तरह हैजहाँ लाखों बच्चे एक साथ जुड़कर भौगोलिक सीमाओं को समाप्त कर देते हैं। वहींउन्होंने ऑफलाइन शिक्षा को ज्ञान की 'नींवबताते हुए कहा कि पारंपरिक शिक्षा का होना भी जरूरी हैक्योंकि इसमें गुरु-शिष्य का सीधा संवाद अनुशासन और व्यावहारिक समझ को विकसित करता है।



सुभारती विश्वविद्यालय के कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) कृष्णामूर्ति ने इस सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि "आशु घई सरीखे साइंस एजुकेटर का सुभारती विश्वविद्यालय में आना हमारे छात्रों के लिए गौरव की बात है। हमारा उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहींबल्कि छात्रों के भीतर उस 'क्रेजी आइडियाको हकीकत में बदलने का साहस पैदा करना हैजिसका जिक्र हमारे मुख्य अतिथि ने किया है।" आज के युग में ज्ञानतकनीक और नवाचार का समन्वय ही सफलता की कुंजी है। सुभारती विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करनेउनके भीतर रचनात्मक सोच विकसित करने तथा उन्हें हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।"



कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि आशु घई को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान ललित कला संकाय के विद्यार्थियों ने आशु घई का स्केच बनाया जिसे ललित कला संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा ने मंच पर आशु घई को सौंपा। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों डेजी और वसीम ने किया। 



इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालयमेरठ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज,  लोकप्रिय हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. रोहित रविंद्रप्रो. (डॉ.) मनोज कपिलडॉ. इंद्रनील बोससीटीओ विवेक तिवारीप्रो. (डॉ.) रविंद्र कुमार जैनडॉ. मुकेश रुहेलाडॉ. श्वेता भारद्वाज,   प्रो. (डॉ.) सोकिंद्र कुमारडॉ. रेनू मावीजतिन और अंशुल सहित विश्वविद्यालय के सैकड़ों शोधार्थीशिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।

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