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| सिर्फ डंडा, हथकड़ी, लॉकअप या थर्ड डिग्री की भाषा ही नहीं जानती पुलिस, एसपी सिटी का मार्मिक वीडियो आया सामने |
सलीम सिद्दीकी
नित्य संदेश, मेरठ। कड़क मिजाज़ी, हेकड़ी, डंडा, हथकड़ी और लॉकअप से लेकर थर्ड डिग्री जैसे 'हार्ड वर्ड्स' की एक लंबी शब्दावली है जो पुलिस की अपनी डिक्शनरी में समाहित है, लेकिन इस गर्म मिजाज़ी से अलग कभी कभी ही सही लेकिन खाकी वर्दी वालों की 'नर्म मिजाज़ी' भी देखने को मिल ही जाती है। नर्म मिजाज़ी का यह वीडियो मेरठ के नए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले से जुड़ा है। अपनी मां को खो चुकीं जब दो मासूम बच्चियों के सिर पर एसपी सिटी ने अपना हाथ रखा तो वहां मौजूद लोगों को खाकी का दूसरा रूप भी देखने को मिल गया। शुक्रवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।
यह वीडियो लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत मजीद नगर इलाके का है। दरअसल यहां रहने वाली एक महिला कौसर की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी और एसपी सिटी इसी सिलसिले में जांच पड़ताल के लिए मजीद नगर पहुंचे। इसी दौरान एसपी सिटी की नजर कौसर की दो मासूम बच्चियों पर पड़ी। इन मासूमों को देख एसपी सिटी इन्हीं के पास बैठ गए। पहले दुलारा, फिर सिर पर हाथ रखा और कई सवाल भी पूछे। सवालों में पुलिसिया लहजा कतई न था। होता भी कैसे क्योंकि यह तस्वीर का दूसरा रुख जो था। बच्चियों के 'अंकल' बन चुके एसपी सिटी ने उनसे पूछा कि बेटा बताओ तुम्हें क्या अच्छा लगता है ? जूस पीना पसंद करोगी ? इन दोनों बच्चियों ने मासूमियत भरे लहजे में गर्दन हिलाकर 'हां' के रूप में जवाब दिया। 'एसपी अंकल' ने तभी दूसरा सवाल दाग दिया पूछा, क्या स्कूल में पढ़ना अच्छा लगता है ? इस पर भी बच्चों का जवाब था कि हां पढ़ना अच्छा लगता है।
एसपी अंकल थोड़े और घरेलू होते हैं और पूछते हैं कि चेहरे पर क्या हुआ ? इस पर एक बच्ची बोलती है कि मस्सा है। यहां एसपी अंकल बच्चों के सवालों के बैक टू बैक जवाब देते जाते हैं। कहते हैं कि आप मीठा ज्यादा खाती होंगी इसलिए शायद घमौरियां हो गई हैं। फिर बात फ्रूट जूस पर आई तो इस पर भी एसपी सिटी ने बच्चियों से कहा कि वह अंकल को बोलकर जाएंगे की बच्चियों को जूस पिलाएं। एसपी सिटी का यह दूसरा वायरल वीडियो है। इससे पहले जब वह सेंट्रल मार्केट में धरना दे रहीं महिलाओं के बीच पहुंचे थे तब भी उन्होंने महिलाओं से कहा था कि वह उनके लिए 'भाई' समान हैं, अगर वह उन्हें भैया कहेंगी तो उन्हें अच्छा लगेगा। कुल मिलाकर पुलिस का यह मानवीय चेहरा लोगों को खासा पसंद आ रहा है।

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