नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, कैंपस मेरठ के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के उन्नत भारत अभियान सेल द्वारा गोद लिए गए गांवों के प्राथमिक, कंपोजिट एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में सर्वाइकल कैंसर (एचपीवी) टीकाकरण एवं स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता एक सशक्त समाज की आधारशिला है।” विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. अनिल यादव ने कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को भी सुदृढ़ करते हैं।” डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रोफेसर राकेश कुमार सोनी ने कहा कि “शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाना अत्यंत आवश्यक है।” वहीं डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से स्वच्छता अपनाने का आह्वान किया। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर नीरज सिंघल ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक 400 से अधिक महिलाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि “समय पर टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।” कार्यक्रम संयोजक इंजीनियर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अभियान में 60 से अधिक छात्राओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 40 से अधिक का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं एवं छात्राओं में इस अभियान के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के सफल संचालन में रीता सिंह, वैशाली रावत, वीरेंद्र नेगी एवं सोनू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इसके साथ ही गांवों में व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें डॉ. निधि चौहान, इंजीनियर प्रत्युष उपाध्याय, इंजीनियर विजय कुमार, इंजीनियर पारुल वर्षनेय, इंजीनियर अर्चना शर्मा, इंजीनियर प्रवीण पवार, डॉ. प्रवीण कुमार, बृजपाल सिंह, प्रवीण चौहान, योगेश कौशिक, अजीत सिंह एवं सोनू सहित अनेक लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालयों के शिक्षकों, ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों तथा संस्थान के टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं का सराहनीय सहयोग रहा। ग्राम प्रधानों ने विश्वविद्यालय तथा संस्थान प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

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