नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ : शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी) के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग के तत्वावधान में “एआई आधारित वास्तविक जीवन प्रोटोटाइप प्रदर्शनी” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपने नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं रचनात्मक सोच का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने ऐसे मॉडल प्रस्तुत किए जो सीधे समाज और दैनिक जीवन की समस्याओं से जुड़े हुए थे। विद्यार्थियों द्वारा विकसित प्रोटोटाइप यह दर्शाते हैं कि वे न केवल सैद्धांतिक ज्ञान रखते हैं, बल्कि उसे व्यावहारिक रूप में भी सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता रखते हैं। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र श्रेयांशु सिंह (बी.टेक द्वितीय वर्ष) ने एक ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया, जो गीले और सूखे कचरे को स्वचालित रूप से अलग-अलग डिब्बों में संग्रहित करता है। यह मॉडल स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
द्वितीय स्थान पर रहे अर्णव बसाक (बी.टेक प्रथम वर्ष) ने एक अभिनव प्रणाली विकसित की, जिसके माध्यम से छोटे व्यापारी अपने उत्पादों का प्रचार कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से कर सकते हैं। यह प्रणाली लगभग दो किलोमीटर की परिधि में स्थित लोगों तक विभिन्न माध्यमों के जरिए प्रचार संदेश पहुंचाने में सक्षम है, जिससे स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा मिल सकता है। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपक राज (बीसीए द्वितीय वर्ष) ने एक ऐसा प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया, जो किसी व्यक्ति के वजन और लंबाई के आधार पर उसके लिए उपयुक्त आहार योजना सुझाता है। यह प्रणाली स्वास्थ्य प्रबंधन और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने में सहायक है।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. जयंत महतो एवं डॉ. मनोज कुमार उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों के मॉडलों का सूक्ष्मता से मूल्यांकन करते हुए उनकी कार्यक्षमता, उपयोगिता और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं और उनमें आत्मविश्वास का संचार करते हैं।
इस आयोजन के संकाय समन्वयक प्रोफेसर (डॉ.) निधि त्यागी, असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अविनव पाठक, डॉ. ममता बंसल एवं असिस्टेंट प्रोफेसर श्री विजय माहेश्वरी ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक आयोजनों से छात्रों में समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है और वे रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र समन्वयकों प्रखण्ड प्रताप सिंह, हार्दिक भाटी, आदित्य कुमार सिंह एवं अतीक रहमान ने तकनीकी प्रबंधन एवं समन्वय में सराहनीय भूमिका निभाई।
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