नित्य संदेश ब्यूरो
गाजियाबाद। एनसीआरटीसी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के 21 स्टेशनों पर विशेष सेमी-नेमिंग/को-ब्रांडिंग अधिकारों के लिए लाइसेंसधारी के चयन हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह एक रणनीतिक मार्केटिंग पहल है जो विभिन्न ब्रांडों को भारत की पहली नमो भारत ट्रेन और यात्रियों के पसंदीदा वाहन के रूप में उभर रहे इस अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क द्वारा अपनी विजिबिलिटी बढ़ाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है।
इस पहल के अंतर्गत, चयनित भागीदारों को स्टेशन के नामों के साथ अपने ब्रांड का नाम संबद्ध (स्टेशन के नाम के आगे या पीछे) करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे स्टेशन की पहचान के साथ ब्रांड का नाम एक लंबे समय तक जुड़ा रहेगा। ब्रांडों को स्टेशन के आंतरिक हिस्सों, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म लेवल के साथ-साथ प्रवेश-निकास द्वारों और बाहरी स्तंभों (पियर्स) तक अपनी को-ब्रांडिंग करने का अवसर मिलेगा। इससे यात्रियों और सड़क यातायात, दोनों तक ब्रांड की निरंतर उपस्थिति बनी रहेगी और व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। इन व्यापक अवसरों के अतिरिक्त, ट्रेनों में होने वाली उद्घोषणाओं में भी ‘को-ब्रांडेड' स्टेशन का नाम शामिल किया जाएगा, जिससे इन ब्रांडों के साथ यात्रियों की इंगेजमेंट बढ़ेगी। स्टेशनों के मानचित्र पर ब्रांड लोगो को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, 'कियोस्क' के लिए स्टेशन पर समर्पित स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अनुभवात्मक मार्केटिंग और उपभोक्ताओं के साथ गहरा जुड़ाव संभव होगा। उल्लेखनीय है कि इस पहल के तहत गुलधर नमो भारत स्टेशन के लिए सेमी-नेमिंग अधिकार पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
विशेष सेमी-नेमिंग/को-ब्रांडिंग अधिकारों के लिए चिन्हित स्टेशनों में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, दुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम शामिल हैं। इनमें नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों स्टेशन सम्मिलित हैं। नमो भारत स्टेशनों को रणनीतिक रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में निर्मित किया गया है। ये प्रमुख बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय केंद्रों के करीब स्थित हैं, जिससे ब्रांड एकीकरण के लिए बेहतर एक्सपोजर मिलता है। उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 2023 से नमो भारत कॉरिडोर पर चरणबद्ध रूप से परिचालन शुरू होने के बाद से अब तक, नमो भारत ने 3 करोड़ से अधिक कम्यूटर ट्रिप्स की उपलब्धि हासिल कर ली है।
नमो भारत, देश की प्रथम रीजनल रेल है जो तीव्र गति के साथ विश्वसनीय और आरामदायक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है। 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ, यह पूरे क्षेत्र में यात्रा-समय को लगभग एक-तिहाई तक कम करती है। माननीय प्रधानमंत्री ने गत 22 फरवरी को सम्पूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया। देश में अनूठी पहल के तहत, मेरठ में स्थानीय मेट्रो सेवाएं भी नमो भारत के बुनियादी ढांचे पर प्रदान की जा रही हैं। यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और ऐतिहासिक शहर मेरठ को निर्बाध रूप से जोड़ती है।
मल्टी-मोडल एकीकरण एनसीआरटीसी का आधारभूत सिद्धांत है, जिसके तहत मेट्रो, भारतीय रेलवे, बस टर्मिनलों और हवाई अड्डे आदि सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। यह एकीकरण स्टेशनों पर फुटफॉल (यात्रियों की संख्या) में बढ़ोत्तरी करता है, जिससे सहभागी ब्रांडों को व्यापक जनसमूह तक पहुंच प्राप्त होगी। स्टेशनों के साथ अपना नाम जोड़कर, ये ब्रांड एक विशिष्ट पहचान और ब्रांड के प्रति अधिक जागरूकता पैदा करने में सक्षम होंगे।
भागीदारी हेतु सभी निविदा दस्तावेज 'सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल' (CPP) और एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.ncrtc.in पर उपलब्ध हैं।

No comments:
Post a Comment