ग्राहकों से भी बदसलूकी का आरोप, बैंक प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवाल
वसीम खान
नित्य संदेश, किठौर। मेरठ जनपद के परीक्षितगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के गांव नवल स्थित केनरा बैंक शाखा में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कैश निकालने पहुंचे एक पत्रकार के साथ बैंक में तैनात सिक्योरिटी गार्ड द्वारा कथित रूप से अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद बैंक परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और ग्राहकों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नवल स्थित बैंक शाखा में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्राहक अपने बैंक संबंधी कार्यों के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान बैंक के कैश काउंटर के पास तैनात सिक्योरिटी गार्ड हरिओम ग्राहकों से कथित रूप से अभद्र भाषा में बातचीत कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि गार्ड का व्यवहार काफी आक्रामक था, जिससे कई ग्राहक असहज नजर आए। इसी बीच बैंक में मौजूद एक पत्रकार ने ग्राहकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का विरोध किया तो मामला और बढ़ गया। आरोप है कि विरोध करने पर सिक्योरिटी गार्ड हरिओम भड़क उठा और पत्रकार को धमकाते हुए कहा, “तेरे जैसे कितने पत्रकार आए, जिनको मैंने बैंक में सबक सिखाया है, बहुत देखे हैं तेरे जैसे पत्रकार।” यह पूरा घटनाक्रम बैंक परिसर में मौजूद ग्राहकों और अन्य लोगों के सामने हुआ। बताया गया कि पत्रकार द्वारा पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने पर सिक्योरिटी गार्ड ने कथित तौर पर उसके हाथ से कैमरा भी छीन लिया। घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने की बात भी सामने आई है। कैमरा छीने जाने की सूचना के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई ग्राहकों ने भी गार्ड के व्यवहार पर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित सिक्योरिटी गार्ड केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि बैंक के अन्य कार्यों में भी दखल देता दिखाई देता है।
लोगों का कहना है कि बैंक में आने वाले ग्राहकों के साथ आए दिन अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन बैंक प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। वहीं ग्राहकों ने बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बैंक खुलने के काफी समय बाद तक, लगभग दोपहर 12:30 बजे तक शाखा प्रबंधक बैंक नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते व्यवस्थाएं पूरी तरह अव्यवस्थित रहीं। ग्राहकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा और बैंक स्टाफ की ओर से भी संतोषजनक व्यवस्था नहीं दिखाई दी।
पीड़ित पत्रकार ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद क्षेत्र में बैंक कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्ड के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों एवं ग्राहकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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