अर्जुन देशवाल
नित्य संदेश, बहसूमा। गन्ना मूल्य में की गई 10 रूपए प्रति क्विंटल की मामूली वृद्धि से किसान असंतुष्ट है। और इसे बहुत कम बता रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा गन्ने के रेट में की गई वृद्धि किसानों को रास नहीं आ रही है। किसानों का कहना है कि गन्ने के रेट में नाम मात्र की वृद्धि की गई है फसल पर लागत अधिक है केंद्र सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में की गई 10 रुपए की वृद्धि को नाकामी बताया है किसानों का कहना है कि जिस हिसाब से महंगाई लगातार बढ़ रही है 10 रुपए मूल्य वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है किसानों का कहना है कि यदि सरकार किसानों का भला चाहती है तो गन्ना मूल्य 500 रूपए किया जाना चाहिए।साथ ही खाद बीज और दवाई सस्ती होनी चाहिए
दवाइयों के रेट कम हो
किसान नेता अरविंद चौधरी का कहना है कि गन्ने पर जितनी लागत बढ़ रही है,उसके हिसाब से दस रुपए की बढ़ोतरी किसी काम की नहीं है। वर्तमान में दवाई से लेकर मजदूरी आदि के खर्चे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।10 रुपए बढ़ने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। सरकार यदि किसान का भला चाहती है तो गन्ने के दाम कम से कम 50 रूपए बढ़ाए जाएं साथ ही दवाईयों के रेट कम होने चाहिए।
गन्ने का रेट 500 रुपए होना चाहिए
किसान सचिन चौधरी ने कहा कि मजदूरी लगातार महंगी होती जा रही है छुलाई करने वाले ठेकेदारों ने 5 रूपए कुंतल बढ़ा दिए हैं खुदाई करने वालों ने 200 रुपए बढ़ा दिए बुआई करने वाले मजदूरों ने 100 रुपए बढ़ा दिया ऐसे में किसान को कुछ नहीं मिल रहा है पूरे साल का हिसाब जोड़े तो किसान के हाथ में कुछ नहीं आ रहा है सरकार कै गन्ना मूल्य 500 रुपए करना चाहिए।
सरकार का अच्छा कदम
सहकारी समिति मोड खुर्द के चेयरमैन अमरजीत देशवाल ने बताया कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है लेकिन जब तक लागत के अनुभव मूल्य नहीं मिलेगा तब तक किसान को पूरी तरह राहत नहीं मिल पाएगी उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक है।
10 रुपए बढ़ोतरी घाटे का सौदा
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव सुदेश पाल का कहना है कि बाजारों में दवाइयों के दाम आसमान छू रहे हैं दवाईयों से लेकर खाद बीज सब कुछ लगातार महंगा हो रहा है मगर फसल के दाम नहीं बढ़ रहे हैं ऐसे में खेती आज के समय में घाटे का सौदा होता जा रहा है यही हाल चलता रहा तो किसान की आने वाली पीढ़ी खेती का काम ही छोड़ देगी सरकार द्वारा बढ़ाए गए दस रूपए कम है।
किसानों की आय दोगुनी हो
भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी सदरपुर ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए गन्ने का दाम बढ़ाना जरूरी है। मात्र 10 रुपए बढ़ाने से तो गन्ने का भाव ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है।
मूल्य राहत भरा
गांव मोहम्मदपुर सकिश्त निवासी किसान शैलू चौधरी का कहना है कि 365 रुपए का मूल्य किसानों के लिए राहत भरा है लेकिन इसे कम से कम 400 रुपए तक किया जाना चाहिए ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।
सरकार का फैसला स्वागत योग्य
गांव मोड खुर्द निवासी लकी चौधरी किसान मोर्चा मंडल महामंत्री भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने गन्ना मूल्य पर 10 रुपए बढ़ाकर अच्छा कदम उठाया है। गन्ने का मूल्य 365 रुपए किसानों के लिए राहत भरा है इससे किसानों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
वाजिब दाम नहीं मिल रहा
भारतीय किसान यूनियन तोमर के युवा जिलाध्यक्ष मेरठ अभिषेक चौधरी ने कहा कि गन्ने का उत्पादन लगातार कम होता जा रहा है। फसलों में बीमारी बढ़ रही है। गन्ना बुआई करते ही दवाई लगातार लगानी पड़ती है।जब जाकर फसल को बिमारियों से बचाया जाता है।ऐसे में फसल बहुत महंगी पड़ रही है।आज किसान को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है।दुख की बात है कि किसान अपनी फसल के दाम भी खुद तय नहीं कर सकता है।

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