नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET), चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “Robotics Kickstart – A 20 Hours Workshop” के सातवें दिन का सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने Microcontrollers एवं Robotics Systems के उन्नत आयामों को समझा। 10 दिवसीय इस कार्यशाला का संचालन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के संरक्षण एवं निदेशक प्रो. नीरज सिंघल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार एवं विश्वविद्यालय के इंजीनियर इंजि. मनीष मिश्रा रहे। अपने संबोधन में प्रो. दिनेश कुमार ने रोबोटिक्स एवं एम्बेडेड सिस्टम्स के सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “तकनीक का विकास केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। रोबोटिक्स का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि एवं सेवा क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, बशर्ते इसका उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाए।” वहीं इंजि. मनीष मिश्रा ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “तकनीक का वास्तविक उद्देश्य वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करना है। यदि छात्र अपने तकनीकी ज्ञान को समाज की जरूरतों से जोड़ें, तो वे नवाचार के माध्यम से प्रभावी परिवर्तन ला सकते हैं।”
आज के सत्र में माइक्रोकंट्रोलर्स के विभिन्न प्रकारों एवं उनके रोबोटिक्स में उपयोग पर विशेष चर्चा की गई। Arduino Uno के अतिरिक्त प्रतिभागियों को AVR, PIC, ARM Cortex, ESP32 एवं STM32 जैसे उन्नत माइक्रोकंट्रोलर प्लेटफॉर्म्स से परिचित कराया गया। विशेषज्ञों ने इनके आर्किटेक्चर, प्रोसेसिंग क्षमता, पावर एफिशिएंसी तथा IoT इंटीग्रेशन जैसी विशेषताओं को विस्तार से समझाया। सत्र के दौरान यह भी प्रदर्शित किया गया कि विभिन्न माइक्रोकंट्रोलर्स का चयन रोबोट के उद्देश्य के अनुसार किस प्रकार किया जाता है—जैसे लो-पावर एप्लिकेशन, हाई-स्पीड प्रोसेसिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन एवं रियल-टाइम कंट्रोल। साथ ही, सेंसर इंटीग्रेशन, इंटरप्ट हैंडलिंग तथा मल्टी-टास्किंग जैसे उन्नत विषयों को प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से स्पष्ट किया गया।
कार्यशाला में “लर्न बाय डूइंग” पद्धति के अंतर्गत प्रतिभागी स्वयं प्रयोग करते हुए सीख रहे हैं। इस क्रम में पीयर ट्रेनर सिद्धार्थ (स्पीकर) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और जटिल अवधारणाओं को सरल बनाया। आयोजन टीम के सदस्य तानिया, अनन्या, प्रखर एवं रविंद्र ने भी कार्यक्रम के सफल संचालन में सराहनीय योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा अनन्या त्यागी द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

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