Breaking

Your Ads Here

Tuesday, April 21, 2026

अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा बनता जा रहा एआई

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। तकनीक के तेजी से बदलते दौर में Artificial Intelligence (AI) अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा बनता जा रहा है। इसी कड़ी में सीसीएसयू के अंतर्गत संचालित सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं छात्र निर्मित Code.scriet Club के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में “AI in Healthcare: Code to Cure” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और पूरे समय उत्साह, जिज्ञासा और सीखने की ललक साफ दिखाई दी। सेमिनार में AI के भविष्य और करियर के अवसरों पर सीधी, सरल और जमीन से जुड़ी चर्चा हुई।

मुख्य वक्ता और लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में मेडिकल फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ अनुज कुमार त्यागी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा - “सुनने में आता है कि डॉक्टर कहते थे कि अगर मरीज को 2 घंटे पहले लाया जाता तो बचाया जा सकता था, लेकिन भविष्य में AI की मदद से हफ्तों या महीनों पहले ही खतरे का संकेत पकड़ पाना संभव होगा।” उन्होंने समझाया कि आने वाले समय में AI हार्ट अटैक जैसी न जाने कितनी गंभीर बीमारियों का पूर्वानुमान पहले ही दे सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव होगा। डॉ. त्यागी ने स्पष्ट किया कि “AI जॉब्स खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए तरह की जॉब्स पैदा करेगा- खासतौर पर उन लोगों के लिए जो AI को समझते हैं।” अपने गंभीर विषय के बीच उन्होंने माहौल को हल्का भी बनाया। छात्रों के अनुरोध पर उन्होंने अपनी एक हास्य-व्यंग्य रचना सुनाई, जिसे खूब सराहा गया। कुछ छात्रों ने उन्हें एक लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम में सुनने का अनुभव भी साझा किया, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।

मुख्य अतिथि और विश्विद्यालय के शोध निदेशक प्रो बीरपाल सिंह ने कहा कि आज के समय में जब छात्र खुद क्लब बनाकर विभाग के साथ मिलकर ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं, तो यह विश्वविद्यालय के बदलते और प्रगतिशील माहौल का संकेत है। उन्होंने इसे नई सोच और नई दिशा की पहल बताया। विशेष वक्ता इंजी अश्वनी उपाध्याय ने छात्रों से सीधे जुड़ते हुए एक अहम समस्या पर बात रखी। उन्होंने कहा- “आज यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इतना कंटेंट है कि छात्र सीखने से ज्यादा कन्फ्यूज हो जाते हैं।” उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे बिना भटके अपनी इंट्रेस्ट और स्किल के अनुसार सही प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और सही टेक्नोलॉजी चुनें। उन्होंने अपने इंडस्ट्री अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे गुरुग्राम की एक कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और “Code for Success” के माध्यम से हजारों छात्रों को गाइड कर रहे हैं। कार्यक्रम का सबसे इंटरैक्टिव हिस्सा रहा लगभग एक घंटे का प्रश्नोत्तरी सत्र, जहां छात्रों ने खुलकर सवाल पूछे- किस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से शुरुआत करें, कौन-सी टेक्नोलॉजी का फ्यूचर है, और करियर कैसे बनाएं। विशेषज्ञों ने हर सवाल का सरल और स्पष्ट जवाब देकर छात्रों के डाउट क्लियर किए।

इस अवसर पर प्रो. नीरज सिंघल ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को सिर्फ जानकारी नहीं देते, बल्कि उन्हें industry-ready skills की ओर भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के संयोजक इंजी प्रवीण पंवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्रों को सही दिशा मिलती रहे। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ स्वाति सिंह, यदि चौधरी , प्रिंस गुप्ता एवं छात्रा रमशा बेग द्वारा किया गया।

इस दौरान संस्थान के कई शिक्षक एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. के.पी. सिंह, डॉ. प्रियंक सिरोही, डॉ. छाबड़ा, डॉ. गौरव त्यागी, दिव्या शर्मा, नीलम, डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह, डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. अमरजीत सिंह और डॉ. अमित शर्मा प्रमुख रहे। कुल मिलाकर, यह सेमिनार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक career direction session बनकर सामने आया, जिसने यह साफ कर दिया कि अगर सही दिशा और सही मार्गदर्शन मिले, तो AI जैसे क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here