· वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव के बीच इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रोनिका इंडिया 2026 उद्योग की वृद्धि को प्रदर्शित करेंगे
नित्य संदेश ब्यूरो
नोएडा। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग मजबूत गति प्राप्त कर रहा है जिसे निरंतर नीतिगत समर्थन, परिपक्व औद्योगिक क्लस्टर्स और वैश्विक सप्लाई चेन के विविधीकरण से बढ़ावा मिल रहा है यह बदलाव 8–10 अप्रैल को इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रोनिका इंडिया 2026 में देखने को मिलेगा। 50 से अधिक देशों जर्मनी, चीन, अमेरिका, जापान और ताइवान सहित की भागीदारी के साथ यह मंच भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बढ़ते वैश्विक एकीकरण को रेखांकित करता है।
भूपिंदर सिंह, प्रेसिडेंट आईएमईए, मेस्से मुएनचेन एवं सीईओ, मेस्से मुएनचेन इंडिया ने कहा इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रोनिका इंडिया उद्योग के साथ-साथ बढ़ रहे हैं इस वर्ष खास बात यह है कि कंपनियां स्पष्ट सोर्सिंग योजनाओं और साझेदारी ढांचे के साथ आ रही हैं। यह मंच अब केवल चर्चा के लिए नहीं, बल्कि निर्णय लेने के लिए उपयोग हो रहा है।
डॉ. रेनहार्ड फ़िफ़र, सीईओ, मेस्से मुएनचेन ने कहा वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है नीति, निवेश और बाजार की मांग का तालमेल दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव श्री आलोक कुमार ने कहा हम राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह आयोजन पूरे इकोसिस्टम को एक मंच पर लाने में मदद करेगा।
ईएलसीआईएनए के महासचिव राजू गोयल ने कहा कि भारत के अगले विकास चरण के लिए कंपोनेंट इकोसिस्टम को मजबूत करना जरूरी है।
आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंदरू ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण अब उस चरण में है जहां पैमाने के साथ गहराई भी जरूरी है और इसके लिए सहयोगी मंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्रेटर नोएडा और बेंगलुरु में आयोजित इसके दो संस्करणों में 60,000 से अधिक प्रतिभागी और 1,000+ प्रदर्शक जुड़ते हैं, जिससे यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण मंचों में से एक बनता है। इन दोनों प्रमुख केंद्रों पर आधारित यह आयोजन 50प्रतिशत विस्तार के साथ भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा किए जाने की संभावना है, जो राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर निरंतर फोकस को दर्शाता है।
इस संस्करण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मेजबान राज्य है, जो नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर के विनिर्माण हब के रूप में बढ़ते महत्व को और मजबूत करता है। इस क्षेत्र में ओईएम असेंबली यूनिट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनियों और कंपोनेंट सप्लायर्स की मजबूत उपस्थिति देखी गई है, जिसे नीतिगत समर्थन और बुनियादी ढांचे के विकास का सहारा मिला है।
उद्योग विशेषज्ञ इस तेजी का श्रेय प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना और प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम जैसी पहलों को देते हैं, जो घरेलू क्षमता निर्माण, आयात पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद कर रही हैं। इस संस्करण की पहुंच बढ़ाने के लिए रोहित शर्मा को ब्रांड एंबेसडर के रूप में जोड़ा गया है, जिससे उद्योग के बाहर भी इस क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक अहमियत को व्यापक पहचान मिल सके।
वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका विकसित हो रही है दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता एकल भौगोलिक निर्भरता को कम करने के लिए अपने सोर्सिंग विकल्पों में विविधता ला रहे हैं। भारत कंपोनेंट्स, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है। यह बदलाव अब वास्तविक कार्यान्वयन में बदल रहा है—जहां उद्योग की भागीदारी सिर्फ चर्चा तक सीमित न रहकर खरीद-आधारित निर्णयों तक पहुंच गई है। कंपनियां सक्रिय रूप से सप्लायर्स, साझेदारियों और निवेश का मूल्यांकन कर रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रोनिका इंडिया अब एक ऐसे बिजनेस-केन्द्रित प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो चुके हैं, जहां सोर्सिंग, सप्लायर चयन और साझेदारी से जुड़े निर्णय लिए और अंतिम रूप दिए जाते हैं। फोकस क्षेत्र उद्योग की प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं सप्लाई चेन का स्थानीयकरण, कंपोनेंट निर्माण की गहराई और वैश्विक व्यवधानों के खिलाफ मजबूती।

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