नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। प्रमुख संरक्षक प्रो बी एल शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक उत्तर प्रदेश और महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अंजू सिंह के संरक्षण में आईकेएस सेल एवं समाज विज्ञान संकाय, शहीद मंगल पांडे राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से एम ओ यू के तहत “जीवंत परंपराओं के रूप में भारतीय ज्ञान: समकालीन संदर्भों में लोक-साहित्य और स्वदेशी ज्ञान “ विषय पर एक साप्ताहिक राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (ऑनलाइन) के तहत आज एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपराओं को समकालीन संदर्भों में विश्लेषित करते हुए उनकी उपयोगिता निर्धारित करना है ।शुभारंभ कार्यक्रम समन्वयक प्रो लता कुमार द्वारा दिए गए स्वागत भाषण से हुआ। आज के दिवस के मुख्य वक्ता व विषय विशेषज्ञ प्रो. जय शंकर प्रसाद पांडे, समाजशास्त्र विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ और जोनल समन्वयक, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश रहे । प्रो. पांडे ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के अंतर्गत भारतीय शिक्षा व्यवस्था का विस्तार से वर्णन किया और बताया कि शिक्षा व्यवस्था हमारे जीवन दर्शन का आधार है । आपने पंचकोश के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था और ज्ञान के निर्माण पर ज़ोर दिया । आपने बताया कि पंचकोश के द्वारा शिक्षा भारतीय शिक्षा दर्शन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जिसकी जड़ें तैत्तिरीय उपनिषद में मिलती हैं। इस सिद्धांत के अनुसार मनुष्य केवल शरीर नहीं है, बल्कि पाँच स्तरों (कोशों) से मिलकर बना है। शिक्षा का उद्देश्य इन सभी कोशों का संतुलित और समग्र विकास करना होना चाहिए।

No comments:
Post a Comment