सलीम सिद्दीकी
नित्य संदेश, मेरठ। बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस एक्टिव मोड में आ गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो जनता 2027 में भाजपा को ऐसा सबक सिखाएगी कि वह सत्ता से कोसों दूर चली जाएगी।
राज्यसभा में उप नेता विरोधी दल एवं सांसद प्रमोद तिवारी
के हवाले से कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने प्रेस को जारी बयान में बिजली
के प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर रोष व्यक्त किया है। बकौल प्रमोद तिवारी बिजली के
यह स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा-सीधा डाका है। प्रमोद तिवारी के
अनुसार, वह स्वयं बिजली विभाग के मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं, लिहाजा विभागीय
कार्यो पर उनकी बारीक नजर है। उन्होंने विभागीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि बिजली
विभाग के अधिनियम 2003 की धारा 47 (5) के अंतर्गत प्रत्येक उपभोक्ता को यह विकल्प चुनने
का पूरा अधिकार है कि वह पोस्टपेड मीटर ले अथवा प्रीपेड मीटर। कांग्रेस ने आरोप लगाया
कि बिजली विभाग स्वयं द्वारा बनाए गए कानून का ही पालन नहीं कर रहा है।
उधर महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने भी बिजली विभाग के अधिकारियों
को चेतावनी दी है कि यदि शहर में विभागीय अधिकारी जोर जबरदस्ती कर उपभोक्ताओं को स्मार्ट
प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए बाध्य करेंगे तो पार्टी स्थानीय स्तर पर भी इसका विरोध
करेगी।

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