नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के अंतर्गत आई.पी.आर सेल द्वारा “Innovation Showcase: From Ideas to IPRs and Startups” शीर्षक से एक प्रभावशाली इंटरैक्टिव गतिविधि का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं संकाय सदस्यों में बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। प्रतिभागियों ने अपने पेटेंट तकनीकों, कॉपीराइट कार्यों, डिज़ाइन पंजीकरणों तथा विश्वविद्यालय में विकसित स्टार्टअप उपक्रमों को प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं स्टार्टअप संस्थापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया तथा आई.पी.आर संरक्षण एवं व्यावसायीकरण से जुड़े अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, जैव प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े अनेक नवाचारी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए गए। विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों, खासकर SDG 14 – Life Below Water सहित अन्य स्थिरता लक्ष्यों से संबंधित नवाचारों को प्रमुखता दी गई।
यह आयोजन प्रतिभागियों एवं आगंतुकों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षण अनुभव सिद्ध हुआ, जिसमें यह दर्शाया गया कि किस प्रकार विचारों को संरक्षित बौद्धिक संपदा परिसंपत्तियों एवं सफल स्टार्टअप उद्यमों में बदला जा सकता है। साथ ही इसने अंतर्विषयक सहयोग, नेटवर्किंग तथा युवा नवाचारकों को शोध आधारित उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के विभिन्न घटक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिनमें सुभारती डेंटल कॉलेज, फैकल्टी ऑफ़ आर्ट्स एंड सोशल साइंसेज, फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सुभारती मेडिकल कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा फैकल्टी ऑफ़ नर्सिंग प्रमुख रहे। सक्रिय प्रतिभागियों में रूचि, गोपाल, गौरव कुमार, मोनू, शिवम मिश्रा, संध्या, दीपांशी तथा आरुषि सिंह शामिल रहे, जिन्होंने अपने अभिनव विचारों एवं उत्पादों का प्रदर्शन कर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं मार्गदर्शन में प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय, प्रो. लुभान सिंह, डॉ. अनिरुद्ध श्रीवास्तव, डॉ. निशा राणा, डॉ, के.के. शर्मा, डॉ. निखिल राठी तथा सुश्री खुशबू ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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