नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। 52वां सैफी स्थापना दिवस पूरे देश में मनाया जा रहा है। सैफी समाज को पहले लोहार और बढ़ई नाम से जाना जाता था यह समाज लोहे और लकड़ी का कार्य करता है जिसका देश की उन्नति में भी बड़ा योगदान रहा है
आज से तकरीबन 6/4/1975 को अमरोहा जो पहले मुरादाबाद जिला में आता था एक मैदान में विशाल जनसभा का आयोजन हुआ जिसमें देश के हर कोने से हजारों हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने पहुंचकर जनसभा को सफल बनाया जिसमें समाज की उन्नति पर जोर वह नामकरण पर सुझाव हुआ स्वतंत्रता सेनानी अल जमीयत उर्दू समाचार पत्र के संपादक हजरत मौलाना उस्मान फारक़लीत सहाब (पिलखुवा) और मुल्ला सईद पहलवान (अमरोहा) हाजी गुलाम जिलानी मरहूम ऑल इंडिया सदर (मेरठ) मरहूम हाजी रफीक सैफी साहब (मेरठ) व सुआलेहीन सैफी साहब (मेरठ) मरहूम किफायतुल्लाह साहब (मेरठ) व हजारों समाज के जिम्मेदारों ने बहुत सारे नाम बिरादरी के लिए प्रस्तावित किया जिसमें सभी की राय के साथ सैफी नाम तय किया गया इस मौके पर 52वें सैफी स्थापना दिवस को सैफी संघर्ष समिति (पंजीकृत) ने भी बहुत ही खुशी के साथ मनाया।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसीन अहमद सैफी अपनी पूरी टीम के साथ प्यारेलाल शर्मा जिला चिकित्सालय मेरठ में पहुंचे जहां पूरी टीम ने मरीजों तीमारदारों में फल व जूस का वितरण किया और सभी के जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। यहां पर मौo सलीम सैफी, सुआलेहीन सैफी,नसीम आलम,आरिफ सैफी,गुलजार सैफी,मुजफ्फर सैफी,चांद सैफी,इमरान सैफी,आसिफ सैफी, दानिश सैफी, ताबिश सैफी, गुड्डू सैफी,अरशद सैफी, आदि मौजूद रहे-
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