तरुण आहुजा
नित्य संदेश, मेरठ। सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवासीय भूखंडों पर चल रहे स्कूल, नर्सिंग होम और बैंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 24 घंटे के अंदर ऐसे स्कूल और अस्पताल सील करने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट के समक्ष आवास एवं विकास परिषद ने 44 संपत्तियां को पूर्णत: व्यावसायिक चिन्हित किया है। सोमवार को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को जान जोखिम में है। कोई हादसा होता है तो बच्चों की जान भी जा सकती है। ऐसे स्कूलों में बिजली का कनेक्शन कैसे दिया गया है इसकी भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई की अगली तिथि नौ अप्रैल निर्धारित की गई है। मेरठ के पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद को सुप्रीम कोर्ट के आदेश खिलाफ ध्वस्तीकरण बंद करने का आदेश जारी करने के लिए पूछताछ की।
याचिकाकर्ता लोकेश खुराना के वकील तुषार जैन ने मामले में बहस की, कहा ऐसी स्थिति परिषद की अन्य योजनाओं में भी है। कोर्ट ने स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों और दूसरी जगह दाखिला और अस्प्तालो में भर्ती मरीजों को को दूसरे अस्प्तालों में शिफ्ट करने के लिए कहा है।
शास्त्रीनगर योजना संख्या सात में ऐसे चार से छह स्कूल चल रहे हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस कार्रवाई को करने के लिए जिम्मेदारी तय ही है।
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