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Thursday, March 5, 2026

बिजौली में ग्रामीणों ने मनाई सैकड़ों वर्ष पुरानी 'तख्त होली'

 


-निकाले गए 6 तख्त, पांच तख्त बने होली यात्रा में शोभायात्रा का हिस्सा

नित्य संदेश ब्यूरो

खरखौदा। ब्लॉक स्थित बिजौली में बुधवार को दुल्हेंडी के पर्व पर सैकड़ों वर्ष पुरानी 'तख्त होली' परंपरा का निर्वहन किया गया। इस अनोखी परंपरा में ग्रामीण भक्तिभाव से शामिल हुए।


बुजुर्गों के अनुसार, इस गांव की स्थापना मराठा राजा रणविजय सिंह ने की थी। उनके शासनकाल में प्राकृतिक आपदाओं, महामारियों, आगजनी और अकाल ने ग्रामीणों को परेशान किया था। ऐतिहासिक कथा के मुताबिक, संकट के समय राजा को बाबा गंगापुरी के खेड़े वाले मंदिर में विराजमान होने की सूचना मिली। बाबा ने दुल्हेंडी पर एक महायज्ञ का आदेश दिया था। यज्ञ सफल होने के बाद, तीन युवकों को देवता वस्त्र पहनाए गए, उन्हें होली की राख लगाई गई और लोहे, चांदी व सोने के औजारों से उनके शरीर को भेदकर तख्त पर स्थापित किया गया। इसके बाद भव्य यात्रा के साथ उन्हें बाबा की समाधि तक ले जाया गया, जिसके फलस्वरूप आपदाएं समाप्त हुईं और गांव में समृद्धि लौटी।


'होली माई की जय' के नारों से गूंजा गांव

इस वर्ष बुधवार को दुल्हेंडी के अवसर पर छह तख्त निकाले गए, जिनमें से पांच तख्त होली यात्रा में शोभायात्रा का हिस्सा बने। गांव 'जय श्रीराम', 'मोदी-योगी जिंदाबाद', 'गंगापुरी बाबा की जय' और 'होली माई की जय' के नारों से गूंज उठा। चौक बाजार में युवकों को औजारों से भेदा गया, जिसके बाद तख्तों को कंधों पर उठाकर पूरे गांव की परिक्रमा की गई।


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