तरुण आहुजा
नित्य संदेश, मेरठ। शास्त्री नगर क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेक्टर 1 से 6 तक तैनात बाबू, जेई और एई मनमर्जी से कार्यवाही कर रहे हैं। जिन निर्माणों पर नोटिस, लाल निशान या सील के आदेश जारी हो चुके हैं, उन पर भी महीनों बाद तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सेक्टर-3 स्थित 439/3 पर 21 मार्च 2025 को पहला नोटिस जारी किया गया था। नियमानुसार 15 दिन बाद दूसरा नोटिस जारी होना था, जो 14 जुलाई को चस्पा किया गया। इसके आधार पर 26 अगस्त 2025 तक सील की कार्यवाही अपेक्षित थी, लेकिन अब एक साल होने वाला है; बावजूद इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रकार 239/1 शास्त्री नगर का मामला भी चर्चा में है। आरोप है कि निर्माणकर्ता पहले भी कई अवैध निर्माण करवा चुका है, परंतु उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। समाचार प्रकाशित होने के बाद नोटिस और लाल निशान तो लगा दिए गए, किंतु ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। वहीं 14/11 पर लाल निशान के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी है, जिससे भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने 651/6, 533/6, 9/10, 317/5/11 सहित कई अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है, कहीं आधी-अधूरी कार्यवाही की गई, तो कहीं लाल निशान लगाने के बाद व्हाइटवॉश करवा दिया गया।
शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में सेटबैक को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है, जबकि 140/9 फैजल मस्जिद के पास बिना सेटबैक छोड़े निर्माण पूरा होने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे राजस्व को नुकसान हुआ है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन अधिकारियों की मिलीभगत सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकार को राजस्व हानि से बचाया जा सके और नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित हो

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