- जागरूकता का संदेश देने के लिए जिले के गांवों और कस्बों में घूमा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चले 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत जिले के गांवों व कस्बों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की यात्रा के समापन के अवसर पर एक कार्यक्रम में जनहित फाउंडेशन की निदेशिका अनिता राणा ने कहा कि हमारे प्रयासों को मिली प्रतिक्रिया से हम आश्वस्त हैं कि बाल विवाह मुक्त मेरठ और बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के बेहद करीब हैं।
जनहित फाउंडेशन बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ को माननीय उर्जा मंत्री डॉ0 सोमेन्द्र तोमर जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इन 30 दिनों में बाल विवाह मुक्ति रथ ने जिले में 5000 किलोमीटर यात्रा की। यह रथ 170 गांवों तक पहुंचा और 450000 लोगों को बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ा।
जनहित फाउंडेशन की निदेशिका ने बाल विवाह के खिलाफ इस 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान और इसके तहत निकाले गए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा, “यह कोई प्रतीकात्मक यात्रा नहीं थी। यह पहियों पर बदलाव का संदेश था जिसे लोगों ने स्वीकार किया और सराहा।जिले में आशा, आंगनवाड़ी, प्रधान, स्वयं सहायता समूह जैसे सभी स्टेक होल्डर इस अभियान के साथ जुड़े है। यह एक अपराध है और कानूनन दंडनीय है। बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन के पुष्पित-पल्लवित होने की संभावनाओं को ही खत्म कर देता है और बच्चियों को कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है।”
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से यह अभियान एक व्यापक जनभागीदारी वाले जन अभियान में तब्दील हो गया। सभी के सहयोग से बाल विवाह के खात्मे के लिए कानून, सुरक्षा और जवाबदेही के संकल्प को हम जनसमुदाय तक ले गए ताकि बाल विवाह मुक्त मेरठ का लक्ष्य वास्तविकता में बदल सके।
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