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Thursday, March 5, 2026

ऑस्ट्रेलिया में सुरेंद्र सिंह काकरान के घर हरियाणा की बेटी ने मनाई धूमधाम से होली



नित्य संदेश, ​सिडनी।  कहते हैं कि इंसान दुनिया के किसी भी कोने में चला जाए, लेकिन अपनी जड़ों और संस्कृति को कभी नहीं भूलता। कुछ ऐसा ही नजारा ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिला, जहाँ हरियाणा की बेटी ने सात समंदर पार सिडनी में भारतीय परंपराओं की खुशबू बिखेरी। ऑस्ट्रेलिया गई हरियाणा की बेटी ने प्रसिद्ध समाजसेवी सुरेंद्र सिंह काकरान के आवास पर पहुँचकर पूरे हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाया।

​गुलाल के रंगों में रंगा 'आस्टेलिया'

आस्ट्रेलिया के ​सिडनी में बड़े गुरुद्वारा के पास    अलाईका स्ट्रीट के ग्लैंडवुड के रहने वाले सुरेंद्र सिंह काकरान के निवास पर माहौल बिल्कुल वैसा ही था, जैसा हरियाणा के गाँवों या शहरों में होता है। रंगों के इस पावन पर्व पर अपनों से दूर होने की कमी को सामूहिक उत्सव ने पूरा कर दिया। हरियाणा की बेटी का स्वागत पारंपरिक अंदाज में हुआ और फिर शुरू हुआ रंगों का सिलसिला। चटक गुलाबी और लाल गुलाल से सभी के चेहरे सराबोर नजर आए।

​संस्कृति को संजोने की कोशिश

​इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह काकरान ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए त्योहार केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का एक जरिया हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय समुदाय पूरी एकजुटता के साथ होली मनाता है, जिससे नई पीढ़ी को अपनी विरासत की जानकारी मिलती रहे।

​अपनों के बीच घर जैसा अहसास

​हरियाणा से गई बेटी श्वेता ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया:​"विदेश में रहते हुए त्योहारों पर अक्सर घर की याद आती है, लेकिन काकरान परिवार के साथ होली खेलकर बिल्कुल ऐसा लगा जैसे मैं अपने ही घर में हूँ। वहीं दूसरी ओर दिल्ली से पहुंचे सरबजीत काकरान ने कहा कि यहाँ के भाईचारे और प्यार ने इस होली को यादगार बना दिया।"

​प्रमुख आकर्षण:

सुरेंद्र काकरान की पत्नी संगीता कौर ने होली के मौके पर गुजिया और भारतीय व्यंजन मेहमानों के लिए तैयार किए। भारतीय मेहमानों ने भी व्यंजनों का खूब आनंद लिया। 

​भाईचारे का संदेश: 

कार्यक्रम में न केवल हरियाणा बल्कि अन्य क्षेत्रों के प्रवासियों ने भी शिरकत कर एकता का संदेश दिया. सोशल मीडिया पर चर्चा: इस उत्सव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की जा रही हैं, जिन्हें देखकर हरियाणा में बैठे परिजन भी गर्व महसूस कर रहे हैं। ​ऑस्ट्रेलिया की धरती पर रंगों का यह मेल दिखाता है कि हमारी संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी हैं, जो सीमाओं को लांघकर दुनिया को एक सूत्र में पिरोने का काम करती हैं।

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