नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। विश्व इंजीनियरिंग दिवस के अवसर पर सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में “इमर्जिंग इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” विषय पर एक वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई तकनीकों की भूमिका तथा सतत विकास में उनके योगदान पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रोफेसर नीरज सिंघल रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्व इंजीनियरिंग दिवस का उद्देश्य समाज के विकास में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना तथा युवाओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में इंजीनियरिंग केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के संतुलित उपयोग के माध्यम से सतत विकास को आगे बढ़ाना भी इंजीनियरों की जिम्मेदारी है। वेबिनार में विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में इंजीनियर जे. आर. बेंथम और डॉ. शिवम गोयल ने विषय पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। इंजीनियर जे. आर. बेंथम ने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट इंजीनियरिंग समाधान भविष्य के सतत विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को नई तकनीकों के माध्यम से नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. शिवम गोयल ने अपने व्याख्यान में बताया कि सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इंजीनियरिंग में आधुनिक तकनीकों और नवाचार का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से उद्योग और समाज दोनों के लिए प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकते हैं। इस अवसर पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष इंजीनियर एस. सी. मित्तल ने कहा कि विश्व इंजीनियरिंग दिवस इंजीनियरों को समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेरठ चैप्टर के मानद सचिव इंजीनियर निखिल किशोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर संस्थान की ओर से इंजीनियर मिलिंद, इंजीनियर प्रवीण पंवार, इंजीनियर आशुतोष मिश्रा और इंजीनियर लक्ष्मी शंकर सहित अन्य शिक्षक एवं इंजीनियर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने वेबिनार को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
No comments:
Post a Comment