नित्य संदेश ब्यूरो
गुरुग्राम। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट ने गुरुग्राम के 'वर्ल्डमार्क' में अपनी प्रमुख महिला-केंद्रित पहल 'ब्लू बिंदी' के तहत 'वीमेन एंटरप्रेन्योर्स बाजार 2026' के दूसरे संस्करण का आयोजन किया।
अपने पहले संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष देशभर के महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों से 200 से अधिक आवेदन मिले। एक विस्तृत मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 महिला उद्यमियों को इस दिनभर चले आयोजन में अपने उद्यमों को प्रदर्शित करने के लिए चुना गया। इस कार्यक्रम में संस्थापक, साझेदार और ग्राहक एक साथ आए, जिससे यह विचारों और नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन गया। छह साल पहले शुरू किया गया 'ब्लू बिंदी' नुवामा का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जो वित्तीय साक्षरता और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। कार्यशालाओं, डिजिटल कंटेंट और जमीनी गतिविधियों के जरिए यह पहल अब तक 10 लाख से अधिक महिलाओं तक पहुंच चुकी है। वी बाजार 2026 के इस संस्करण ने इस उद्देश्य को और विस्तार देते हुए महिलाओं को न केवल संपत्ति निर्माता (वेलथ क्रियेटर्स), बल्कि उद्यमियों के रूप में भी सम्मानित किया। इस साल के आयोजन के मुख्य विषय 'महिला-नेतृत्व वाले सामाजिक प्रभाव वाले व्यवसाय', 'महिलाओं द्वारा महिलाओं का उत्थान' और 'महिलाओं के सहयोगी रहे। इस वर्ष नुवामा ने 'ब्लू बिंदी' के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला वित्तीय मार्गदर्शक “शी कंपाउंड्स - लर्न हाउ टू स्टे एंगेज्ड विद मनी” लॉन्च किया। यह मार्गदर्शिका पूरी तरह व्यावहारिक और बुनियादी है, जिससे हर महिला खुद को आसानी से जुड़ा हुआ महसूस कर सकती है।
महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही
नुवामा के आंतरिक आंकड़े बताते हैं कि संपत्ति निर्माण (वेलथ क्रियेशन) में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2023 के बाद से, महिलाओं द्वारा फिक्स्ड इनकम उत्पादों में निवेश 113 प्रतिशत बढ़ा है, स्ट्रक्चर्ड पोर्टफोलियो आवंटन में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) में उनकी भागीदारी 191 प्रतिशत तक बढ़ी है। नुवामा की महिला ग्राहकों में से आधे से अधिक पिछले पांच वर्षों के दौरान जुड़ी हैं, जो महिलाओं की बढ़ती आर्थिक स्वतंत्रता और निवेश के प्रति उनके मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
अब हर चार में से एक इक्विटी निवेशक महिला
ये निष्कर्ष ‘शी कंपाउंड्स’ की प्रमुख आधारशिला बनते हैं और यह संदेश मजबूत करते हैं कि समय के साथ वित्तीय मामलों से जुड़े रहना, जानकारी रखना और नियमित निवेश करना कितना महत्वपूर्ण है। पूरे भारत में अब हर चार में से एक इक्विटी निवेशक महिला है और म्यूचुअल फंड परिसंपत्तियों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा महिलाओं के पास है। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में भी महिलाएं लगातार निवेश जारी रखती हैं, जो संपत्ति निर्माण के प्रति उनके अधिक गहन और उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाता है।
स्थायी संपत्ति बनाने में सक्षम बनाना
इस अवसर पर राहुल जैन (अध्यक्ष और प्रमुख, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट) ने कहा, “नुवामा में हमारा मानना है कि महिलाओं को वित्तीय जानकारी और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना एक दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पैदा करता है। 'ब्लू बिंदी' और 'वी बाजार 2026' जैसी पहलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य महिलाओं को अपनी वित्तीय यात्रा की कमान संभालने, सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लेने और स्थायी संपत्ति बनाने में सक्षम बनाना है। वी बाजार 2026 उसी विजन का प्रतिबिंब है—यह उन महिलाओं का उत्सव है जो न केवल अपने भविष्य में निवेश कर रही हैं, बल्कि एक मजबूत और अधिक समावेशी आर्थिक व्यवस्था को आकार देने में भी योगदान दे रही हैं।”
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