सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल'
नित्य संदेश, इंदौर। साहित्य और कला के केंद्र, इंदौर में आयोजित प्रसिद्ध इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल में इस वर्ष 'वामा साहित्य मंच' की प्रतिभाशाली लेखिकाओं ने अपने विशेष सत्र 'मधुरिमा के मयूर पंख' से समां बाँध दिया। इस सत्र में मंच की आठ लेखिकाओं ने विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपनी सशक्त काव्यात्मक प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सत्र की शुरुआत होते ही उपस्थित साहित्य प्रेमियों में एक नई ऊर्जा का संचार हो गया। प्रीति मकवाना, सपना सी.पी. साहू, अनीता जोशी, रश्मि चौधरी, वाणी जोशी, डाॅ. अंजना सी.पी. मिश्र, प्रीति दुबे और संगीता परमार ने एक के बाद एक अपनी रचनाओं को मंच पर जीवंत किया। लेखिकाओं ने कविता, ग़ज़ल, मुक्तक और अन्य काव्य-विधाओं के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं, समाज, नारी-शक्ति और भावनाओं की अभिव्यक्ति की।
'वामा साहित्य मंच' की लेखिकाओं की यह प्रस्तुति न केवल उनकी रचनात्मकता का प्रमाण थी, बल्कि इसने साहित्य के क्षेत्र में महिला रचनाकारों की बढ़ती उपस्थिति और प्रभाव को भी दर्शाया। श्रोताओं ने सभी लेखिकाओं की भावपूर्ण और ओजस्वी प्रस्तुति पर तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। यह सत्र लिटरेचर फेस्टिवल के सबसे यादगार और प्रेरणादायक आयोजनों में से एक रहा, जिसने इंदौर के साहित्यिक परिवेश में नई मधुरिमा घोल दी।

No comments:
Post a Comment