नित्य संदेश ब्यूरो
गजरौला। राष्ट्रीय राजमार्ग
बाईपास श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साईंसेज की
ओर से विश्व खाद्य दिवस-2025 पर हैंड इन हैंड फॉर बेटर फूड्स एंड बेटर फ्यूचर विषय
पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों
से आए एक दर्जन से अधिक कृषि वैज्ञानिक ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में
मुख्य अतिथि के रूप में आए विश्व के पहले पांच कृषि वैज्ञानिकों में शुमार इंडियन
एग्रीकल्चर रिसर्च संस्थान पूसा के प्रधान वैज्ञानिक प्रो. (डॉ.) रमेश कुमार यादव
ने कहा, हमारी सेहत सीधे तौर पर मिट्टी की सेहत से जुड़ी है। आज अंधाधुंध रसायनों
एवं कृत्रिम खाद के बेतहाशा प्रयोग से यदि हम तेजी से बंजर होती भूमि को बचाने के
साथ-साथ खाद्य पदार्थो में बढ़ते रसायनों एवं कीटनाशकों से होने वाली कैंसर, अल्सर
समेत सैकड़ों बिमारियों से अपने आप को बचाना चाहते है तो हमें फिर से जैविक खेती की
ओर लौटना होगा। राष्ट्रीय सेमीनार का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि,
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, मुख्य अतिथि डॉ. रमेश कुमार यादव, कुलपति प्रो.
कृष्ण कान्त दवे, डीन एग्रीकल्चर डॉ. टीपी सिंह, प्रभारी डीन प्रो. थॉमस एब्राहिम
आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ.
पीयूष पांडे, डीन एग्रीकल्चर डॉ. टीपी सिंह, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. योगेश्वर, डॉ.
राजवर्द्धन, डॉ. दर्पण कौशिक, डॉ. माता प्रसाद, डॉ. लक्ष्मीकान्त, डॉ. ज्योति
सिंह, डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. शेषनाथ सिंह, डॉ. वरूण त्रिपाठी, डॉ. आशिया वाहिद,
डॉ. कौशल कुमार, उदित तिवारी एवं मेरठ परिसर से डॉ. प्रताप सिंह, विश्वास राणा आदि
लोग उपस्थित रहे। संचालन डॉ. ज्योति सिंह ने किया।

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