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Thursday, March 5, 2026

शोभित विश्वविद्यालय में पाँच दिवसीय ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शोभित विश्वविद्यालय के नाइस स्कूल ऑफ बिज़नेस स्टडीज़ द्वारा “डिजिटल युग में अनुसंधान पद्धति: उपकरण, तकनीक एवं व्यवहार” विषय पर पाँच दिवसीय ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र जी द्वारा प्रो. (डॉ.) एम. एल. सिंगला (सलाहकार) एवं प्रो. (डॉ.) जयानंद (प्रो-वाइस चांसलर) की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों की अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उन्हें आधुनिक डिजिटल उपकरणों, समकालीन अनुसंधान पद्धतियों और संपूर्ण शोध प्रक्रिया से परिचित कराना था। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं नैतिक अनुसंधान मूल्यों को भी प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए। प्रो. (डॉ.) ए. के. घोष ने “व्यवहारिक अनुसंधान पद्धति: आरंभ से निष्कर्ष तक” विषय पर शोध की प्रारंभिक रूपरेखा एवं पद्धति पर प्रकाश डाला। प्रो. (डॉ.) परेश शाह ने “परिकल्पना परीक्षण: पैरामीट्रिक एवं नॉन-पैरामीट्रिक परीक्षण” विषय पर सांख्यिकीय विश्लेषण की महत्वपूर्ण अवधारणाएँ साझा कीं। प्रो. (डॉ.) राज के. कोविद ने “अनुसंधान रूपरेखा: वैचारिक ढाँचे का विकास” विषय पर व्याख्यान देते हुए शोध उद्देश्यों एवं चर के समन्वय के महत्व को स्पष्ट किया।

इसके अतिरिक्त डॉ. विष्णु नाथ ने “संरचनात्मक समीकरण प्रतिरूपण (एस.ई.एम.) के माध्यम से पथ प्रतिरूपण” विषय पर उन्नत विश्लेषणात्मक सत्र प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. ऋचा जोशी ने “आंकड़ा संग्रहण की विधियाँ एवं प्रश्नावली निर्माण” विषय पर व्यवस्थित डेटा संग्रहण और प्रभावी प्रश्नावली निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायी समापन सत्र के साथ हुआ।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता, निदेशक, नाइस स्कूल ऑफ बिज़नेस स्टडीज़ के मार्गदर्शन में प्रो. अनुज गोयल (संयोजक) ,सह-संयोजक डॉ. नेहा यजुर्वेदी तथा एवं डॉ. प्रीति गर्ग के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। आयोजन में डॉ. अंशु चौधरी एवं डॉ. नवनीश त्यागी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह शैक्षणिक पहल प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं सार्थक सिद्ध हुई।

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